बोले- पंजाब में निष्पक्ष तरीके से पूरी हुई प्रक्रिया, हर बूथ की अंतिम रिपोर्ट उपलब्ध
कांग्रेस ने एसआईआर को असंवैधानिक बताते हुए रद्द करने की मांग दोहराई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह की ओर से एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाने और विरोध जताने के बाद बुधवार को भाजपा ने पलटवार किया। भाजपा नेताओं ने पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा से मुलाकात कर निष्पक्ष प्रक्रिया के लिए आभार जताया। साथ ही कांग्रेस को चुनौती दी कि यदि उसे एसआईआर में कोई गड़बड़ी नजर आती है तो वह उसे साबित करे। भाजपा ने कांग्रेस पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आपत्ति होने पर संबंधित अधिकारियों से सवाल पूछे जाएं, न कि भ्रम फैलाया जाए।
हर बूथ की अंतिम रिपोर्ट उपलब्ध, सभी दलों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर का दावा
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्य निर्वाचन कार्यालय के बाहर प्रेसवार्ता में कहा कि पंजाब में एसआईआर की प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी हुई है। हर बूथ की अंतिम रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन कार्यालय और जिला स्तर पर उपलब्ध है। उनके अनुसार, कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी रिपोर्ट सौंपी गई है। जाखड़ ने दावा किया कि सभी दलों के बूथ प्रतिनिधियों ने प्रक्रिया पर संतोष जताते हुए अंतिम रिपोर्ट पर हस्ताक्षर किए हैं।
89 हजार बीएलए नियुक्त किए गए थे
जाखड़ के मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पंजाब में सभी राजनीतिक दलों ने मिलकर करीब 89 हजार बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए थे। जाखड़ ने कहा कि पंजाब की तरह अन्य राज्यों में भी एसआईआर हुई है, लेकिन कांग्रेस नेता इस मुद्दे की आड़ में देशवासियों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कांग्रेस नेता दिल्ली में बैठे अपने आकाओं को खुश करने में लगे हैं। जाखड़ ने कहा कि यदि कहीं कोई आपत्ति है तो उसे सामने लाया जाए और सक्षम अधिकारियों से जवाब मांगा जाए। लोगों को एसआईआर के नाम पर डराने और भ्रमित करने से बचना चाहिए। इस दौरान भाजपा नेता विनीत जोशी, प्रितपाल बलियावाल और रंजन कामरा समेत अन्य नेता मौजूद रहे। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने एसआईआर प्रक्रिया को असंवैधानिक बताते हुए इसे रद्द करने की मांग दोहराई।