पांच मंत्री समेत 14 विधायकों के टिकट काटे, सभी जातियों को साधा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। भाजपा ने सत्ता विरोधी लहर को निपटने के लिए अपने मौजूदा 35 फीसदी विधायकों के टिकट काट दिए हैं। पहली सूची में दो मंत्री समेत आठ विधायक और दूसरी सूची में दो मंत्री समेत छह विधायकों के टिकट काटे। इनकी भाजपा ने नए चेहरे पर दांव लगाया है। पार्टी को अपने सर्वे पांचों मंत्रियों के खिलाफ निगेटिव रिपोर्ट मिली थी।
इसके साथ ही मंत्री के तौर पर उनका प्रदर्शन भी ठीक नहीं था। पार्टी ने जिन चार मंत्रियों का टिकट काटा है, उनमें बिजली मंत्री रणजीत चौटाला, समाज कल्याण मंत्री बिशंबर वाल्मीकि, शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा और जनस्वास्थ्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल शामिल हैं। वहीं, पार्टी ने बगावत के डर से दूसरी सूची में कुछ ऐसे उम्मीदवारों को समायोजित किया गया है, जिनकी पहली सूची में नाम कट गया था। पार्टी ने संगठन के पूर्व महामंत्री डॉ. पवन सैनी को नारायणगढ़ से, पेहोवा से जय भगवान शर्मा और नरवाना से महामंत्री कृष्ण कुमार बेदी को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, पार्टी ने अब तक दस महिलाओं को भी उम्मीदवार बनाया है।
जाट, ओबीसी, ब्राह्मण व पंजाबी का बनाया समीकरण
भाजपा अब तक 87 उम्मीदवारों के नाम का एलान कर चुकी है। इनमें ओबीसी समाज से 17, एससी से 17, जाट समाज से 16, ब्राह्मण 11, वैश्य पांच, राजपूत 4, सिख 2, मुस्लिम दो और बिश्नोई समाज के दो उम्मीदवारों को टिकट दिया है। दूसरी सूची में जाट समुदाय के दो और एक जट सिख उम्मीदवार हैं।
इस बार नूंह से हिंदू चेहरा
भाजपा ने इस बार नूंह से हिंदू चेहरा उतारा है। पिछली बार नूंह से जाकिर हुसैन को उतारा था, मगर वह चुनाव हार गए थे। नूंह हिंसा के भाजपा ने संजय सिंह को उम्मीदवार बनाया है। वह राजपूत समुदाय से हैं।
राव के तीन करीबियों को मिला टिकट
दूसरी सूची में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत का दबदबा दिखा है। पार्टी ने पटौदी से बिमला चौधरी को टिकट दिया है। वह राव के खेमे से हैं। नारनौल से ओम प्रकाश यादव पर पार्टी ने तीसरी बार विश्वास जताया है। यादव भी राव के खेमे से हैं। बावल से डॉ. कृष्ण कुमार को भी राव इंद्रजीत की वजह से टिकट मिला है।
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सिरसा में कांडा के साथ गठबंधन पर फैसला आज
पार्टी ने महेंद्रगढ़ के अलावा फरीदाबाद एनआईटी और सिरसा सीट पर भी उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। सिरसा से हरियाणा लोकहित पार्टी के गोपाल कांडा टिकट के दावेदार हैं। कांडा भाजपा को समर्थन देते रहे हैं। बीच में गठबंधन को लेकर भी बातचीत चल रही थी। मगर अभी तक इस पर मुहर नहीं लग पाई है। वहीं, फरीदाबाद एनआईटी से केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे हैं।