चंडीगढ़। सेक्टर-26 स्थित चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीसीईटी) में बुधवार को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) कॉर्नर का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में बीआईएस के डायरेक्टर जनरल प्रमोद तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने छात्रों के बीच जाकर न केवल इस पहल की शुरुआत की, बल्कि उन्हें बीआईएस के महत्व और कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
कॉलेज के लाइब्रेरी में नए बने बीआईएस कॉर्नर में कई विषयों पर आधारित मैगजीन के साथ एक अत्याधुनिक टचस्क्रीन इन्फॉर्मेशन स्टैंड भी स्थापित किया गया है। इस स्टैंड के जरिए छात्र बीआईएस से संबंधित जानकारियां, नवीनतम सर्कुलर, रिपोर्ट और मानकों को सर्च कर पढ़ सकेंगे। यह सुविधा छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज बढ़ाने में मदद करेगी।
उद्घाटन से पहले प्रमोद तिवारी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ाई के दौरान छात्रों को सिर्फ थ्योरी ही नहीं बल्कि मानकों (स्टैंडर्ड्स) की भी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जब शिक्षक किसी भी टॉपिक को पढ़ाएं तो उसके साथ उस विषय से जुड़े बीआईएस मानकों का भी जिक्र करें। इससे छात्र न केवल तकनीकी दृष्टि से बेहतर होंगे, बल्कि उद्योग जगत की जरूरतों को भी बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।
छात्रों से पूछे कई सवाल, प्रमोद तिवारी ने दिए जवाब
प्रमोद तिवारी ने कहा कि इस तरह के बीआईएस कॉर्नर तकनीकी शिक्षा और उद्योग जगत के बीच एक सेतु का काम करेंगे। छात्रों को न केवल मानकों के बारे में पढ़ने का मौका मिलेगा, बल्कि वे समझ पाएंगे कि किसी भी उत्पाद, डिजाइन या प्रक्रिया की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए मानकों का पालन कितना जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने बीआईएस प्रमुख से कई सवाल भी पूछे। एक छात्र ने सवाल किया कि किसी भी मानक को तैयार करने में कितना समय लगता है।
इसके जवाब में तिवारी ने बताया कि मानक बनाने के लिए एक टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया जाता है, जिसमें उस क्षेत्र से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स शामिल होते हैं। यह समिति मानक के हर पहलू पर गहन अध्ययन और चर्चा करती है। आमतौर पर इस पूरी प्रक्रिया में एक से डेढ़ साल का समय लगता है, लेकिन बीआईएस इस समय सीमा को कम करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है।