पीजीआई में डॉक्टरों के बीच पहुंच सीएम खट्टर ने कहा कि मैं भ्रष्टाचार, बेरोजगारी व गरीबी का डॉक्टर हूं। समाज को इस अभिशाप से मुक्ति दिलाना मेरा कर्तव्य है। मेरी इच्छा थी डॉक्टर बनूं, लेकिन नंबर कम आने के चलते ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने ये पंक्ति हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. एन. के. मग्गू की सीएम बनने की इच्छा का जवाब देते हुए कही।
उन्होंने डॉ. मग्गू को कहा कि वे बतौर प्रबंधक स्वयं को सीएम समझ सकते हैं और वे भी स्वयं को डॉक्टर समझ रहे हैं। इससे पहले डॉ मग्गू ने कहा था कि वे सीएम बनना चाहते थे और एम. एल. खट्टर डॉक्टर। डॉ. ने मंच से कहा कि सीएम के गांव बनियानी में उनकी ननिहाल है और उनकी बचपन की दोस्ती है।
इसी दोस्ती को हवाला देते हुए डॉ. मग्गू ने मंच से 4-5 बार मांग की कि पीजीआई के आर्थो विभाग को एक संस्थान का दर्जा दिया जाए। हालांकि सीएम ने यही मांग नहीं मानी।
हर जिले में खुलेगा मेडिकल कॉलेज
हेल्थ विवि के मंच से सीएम ने हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जाने की घोषणा की। कहा कि इसके चलते हर वर्ष 2000 नए डॉक्टर तैयार होंगे। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि वे केवल शहरों तक ही न सिमटे, ग्रामीण इलाकों में भी उन्हें सेवाएं देनी चाहिए।
सीएम ने जाना पूर्व मुख्यमंत्री हुक्म सिंह का हालचाल
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को पीजीआई में दाखिल पूर्व मुख्यमंत्री मास्टर हुकम सिंह का हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
सीएम शाम साढ़े 7 बजे पीजीआई के वार्ड नंबर 24 के कमरा नंबर 104 में पहुंचे। बता दें कि पूर्व सीएम यहां 12 फरवरी से सांस लेने में दिक्कत के चलते दाखिल हैं।
पीजीआई को दिया वैलेंटाइन-डे गिफ्ट
सीएम बनने के बाद मनोहर लाल खट्टर चौथी बार रोहतक आए। पहले के तीन दौरों में उन्होंने जिले के लिए कोई घोषणा नहीं की, लेकिन शनिवार को उन्होंने रोहतक पीजीआई को वैलेंटाइन गिफ्ट दिया।
सीएम ने प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान में धूल फांक रहे ट्रामा सेंटर, मदर चाइल्ड केयर अस्पताल को संचालित करने की हरी झंडी दे दी। यहां स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर बनाने की भी मंजूरी दी है।
साथ ही नर्सिंग स्टाफ, नर्सिंग सिस्टर, टीचिंग स्टाफ की अप्रूवल के साथ डॉक्टरों की सैलरी में बढ़ोतरी की घोषणा भी कर दी। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की क्वार्टर की मांग को पूरा करने के लिए उन्होंने प्रोजेक्ट तैयार कर भेजने को कहा है।