पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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लड़की के अगवा होने के बाद अंबाला एडीजीपी आलोक राय व एडिशनल एसपी आस्था मोदी यमुनानगर पहुंचे। पुलिस को फटकार लगाई। इसके बाद एडीजीपी ने पुलिस की सात टीमें बनाईं। टीमें यूपी के इलाहाबाद तक उनकी तलाश करती रही लेकिन इधर आरोपी युवक हरियाणा में ही था। पिंजौर में जाकर निकाह पढ़वाया।
संगठनों ने बनाई रणनीति
समुदाय विशेष के युवक द्वारा लड़की को अगवा करने के मामले में मंगलवार को कुछ संगठनों ने लघु सचिवालय में रोष जताया था और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की थी। ये संगठन बुधवार को दिनभर आरोपी व लड़की की तलाश के लिए रणनीति बनाते रहे। इन संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि पुलिस द्वारा यदि जल्द आरोपी युवक का पता कर गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे कोई बड़ा कदम उठाने का मजबूर होंगे।
सुनियोजित तरीके से लड़कियों को फंसाया जा रहा है
संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि लड़की को सुनियोजित तरीके से फंसाया जा रहा है। आनन-फानन में धर्म परिवर्तन, नाम बदलना और फिर हाईकोर्ट में प्रोटेक्शन की मांग, ये सब पहले से तय था। उनका कहना है कि जिस मौलवी ने यह निकाह करवाया है, वह पहले भी काफी संख्या में लड़कियों का निकाह करवा चुका है। इसकी भी जांच होनी चाहिए।
पुलिस की टीमें युवक व युवती की तलाश में जुटी हैं। पता चला है कि उन्होंने हाईकोर्ट में प्रोटेक्शन मांगा है लेकिन कोर्ट 17 जून को सुनवाई करेगा। इस दौरान अगर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है तो उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा और लड़की के बयान करवाए जाएंगे। -सुभाष चंद, डीएसपी हेडक्वार्टर।