हरियाणा सरकार ने प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों को बड़ी राहत देते हुए प्राइवेट एंबुलेंस पर यात्री एवं वस्तु कर और पंजीकरण टैक्स को छह प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी।
प्राइवेट एंबुलेंस संचालक संघ के प्रतिनिधि ने बताया कि वर्ष 2011 में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली सरकार ने टैक्स एक प्रतिशत से बढ़ाकर छह प्रतिशत कर दिया था। वर्तमान सरकार ने उपरोक्त टैक्स को पुन: छह प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत करने का निर्णय लिया है।
पिछले दिनों वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु व मुख्यमंत्री के ओएसडी जवाहर यादव के नेतृत्व में प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर इस टैक्स को हटाने की मांग की थी।
मुख्यमंत्री ने 26 अक्तूबर 2014 से यह टैक्स कम करने का फैसला लिया था, लेकिन जब एंबुलेंस संचालक आरटीए कार्यालय में अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने गए तो उनसे पिछली सरकार के समय वर्ष 2011 से लगाए गए कर का बकाया जमा करने की बात कही गई और उन्हें बताया गया कि सैद्धांतिक रूप से अनापत्ति प्रमाण पत्र तब तक नहीं मिल सकता, जब तक पिछला टैक्स जमा नहीं करवाया जाता।
इसी समस्या को देखते हुए परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार और मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी जवाहर यादव के नेतृत्व में मुख्यमंत्री का दरवाजा खटखटाया। इस पर मुख्यमंत्री ने 2011 से ही टैक्स को छह प्रतिशत से एक प्रतिशत करने का सैद्धांतिक फैसला लिया।
मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी जवाहर यादव ने बताया कि यह फैसला लोगों की समस्याओं एवं प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों द्वारा दी जा रही मानवीय सेवाओं को देखते हुए लिया गया है।