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मरीजों को राहत, अब यहां भी मिलेंगी सस्ती दवाएं

Sun, 06 Dec 2015 07:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मरीजों को सस्ते रेट पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए पीजीआई ने खुद की केमिस्ट खोलने की लगभग सभी बाधाएं दूर कर ली हैं। केमिस्ट शॉप खोलने की प्रक्रिया में अंतिम चरण में है।
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दो दिन पहले स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी (एसएफसी) की मीटिग में केमिस्ट शॉप के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये के बजट की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। बजट मिलने के बाद अब निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। पीजीआई की ओर से बताया गया है कि केमिस्ट शॉप खोलने की जगह तय कर दी गई है।

नेहरू हास्पिटल में जिस जगह पीजीआई के स्टाफ के लिए फार्मेसी है, उस जगह पर शॉप का निर्माण होगा। जल्द ही नियुक्तियां शुरू कर दी जाएंगी। बताया जा रहा है अप्रैल तक केमिस्ट शॉप से मरीज दवाएं खरीदना शुरू कर देंगे। हालांकि पीजीआई की कमेटी ने करीब 50 करोड़ रुपये की डिमांड की थी।
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बताया जा रहा है कि बाकी राशि के लिए दूसरी मीटिंग में एजेंडा रखा जाएगा। पीजीआई की केमिस्ट शॉप में ब्रांडेड दवाओं पर 50-70 प्रतिशत डिस्काउंट मिलेगा। पीजीआई दवाइयां सीधे मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से खरीदेगा। किसी भी दवा पर वह मुनाफा नहीं कमाएगा।

इनमें दवाएं और सर्जिकल आइटम दोनों होंगे। पहले चरण में एक ही दुकान खोलने की योजना है। जब यह सफल हो जाएगी, तब अन्य ब्लाक में दुकाने खोली जाएंगी।

जेपी नड्डा ने दिए थे आदेश
पीजीआई में केमिस्ट शॉप मालिकों द्वारा मरीजों से ज्यादा रुपये वसूलने के कई मामले सामने आ चुके हैं। अमर उजाला ने भी खुलासा किया था कि जिस दुकान का किराया सबसे ज्यादा है, उस दुकान में सबसे महंगी दवाएं मिल रही हैं। इससे मरीजों को काफी परेशानी आती थी।

उसके बाद एक मीटिंग में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा पीजीआई आए थे। उस दौरान कुछ संगठनों ने इस मुद्दे को उठाया। नड्डा ने तुरंत पीजीआई को आदेश दिया कि वे इस बारे में प्रपोजल बनाए और उसे मीटिंग में पेश करे।

देश के कई इंस्टीट्यट चला रहे हैं अपनी केमिस्ट शॉप
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा की ओर से आदेश मिलने के बाद पीजीआई ने एक कमेटी गठित की। कमेटी पुडुचेरी, एसजीपीजीआई लखनऊ, सीएमसी वैलूर सहित अन्य संस्थानों का दौरा किया और वहां पर संचालित की जा रही केमिस्ट शॉप्स की कार्यप्रणाली को देखा। उसके बाद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट जमा कर दी। डायरेक्टर व अन्य सदस्यों ने कमेटी की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी।
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