चंडीगढ़। कोई भी बड़ा खिलाड़ी रातोंरात नहीं तैयार होता। बेहतर खिलाड़ी बनने में कम से कम तीन वर्ष लगते हैं। नीरज चोपड़ा इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। वह नए खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। उनकी वजह से एथलेटिक्स में अब अधिक खिलाड़ी आ रहे हैं। ये बातें उड़नपरी और भारतीय एथलेटिक्स की गोल्डन गर्ल के नाम से मशहूर पूर्व धावक पीटी उषा ने कहीं। वह रविवार को सेक्टर-7 स्थित स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में नवनिर्मित सिंथेटिक ट्रैक पर पहली बार आयोजित राष्ट्रीय स्तर की इंडियन ग्रां प्री चैंपियनशिप में एथलीटों का हौसला बढ़ाने पहुंचीं थीं।इस दौरान सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद पीटी उषा ने कहा कि आज मैं अपना वादा निभाने यहां आई हूं क्योंकि कुछ वर्ष पहले जब मैं चंडीगढ़ आई थी तब मुझे पता चला था कि मिल्खा सिंह के इस शहर में खिलाड़ियों के लिए सिंथेटिक ट्रैक ही नहीं है, तब बहुत मायूसी हुई थी। मैंने कहा था कि जब यहां सिंथेटिक ट्रैक बन जाएगा तब मैं खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने जरूर आऊंगी और आज मैं आप सबके बीच में हूं। चंडीगढ़ एथलेटिक्स एसोसिएशन बेहतर काम रही है। मुझे उम्मीद है कि शहर में जल्द ही एथलेटिक्स की अकादमी भी बनेगी।
इस दौरान पीटी उषा ने कहा कि हमारे देश में एथलेटिक्स के साथ हर खेल में ग्रास रूट पर काम होना चाहिए, जिसको लेकर हम प्रयास कर रहे हैं। खिलाड़ियों को अपना संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में तनावमुक्त होकर मैदान में उतरें। अब खिलाड़ियों को हर तरह की सुविधाएं मिल रहीं हैं, उनका फायदा उठाना चाहिए। पीटी उषा ने कहा कि जब मैं खेलती थी तब सुविधाएं होती ही नहीं थीं। खिलाड़ी खुद के दम मेहनत करते थे। अब हम प्रयास कर रहे हैं कि देश के हर राज्य में खेलों का बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर खिलाड़ियों को मिले।
पेरिस ओलंपिक-2024 में भारतीय दल की तैयारियों के सवाल पर पीटी उषा ने कहा कि मेरा मानना है कि खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। केवल एथलेटिक्स मे ही नहीं, अन्य खेलों में भी शानदार प्रदर्शन दिखाएंगे। एशियन चैंपियनशिप की तैयारी के सवाल पर उनका कहना था कि भले ही हमें कम समय मिला है, लेकिन बेहतर रहने की उम्मीद है।
कुश्ती संघ विवाद से जुड़े सवालों के नहीं दिए जवाब
कुश्ती संघ विवाद पर बार-बार प्रेसवार्ता मे सवाल किए जाते रहे और पीटी उषा उन्हें टालतीं रहीं। हालांकि की कुश्ती फेडरेशेन के भांग होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हर चीज में समय लगता है। आप चिंता न करें, जल्द ही इसे सुधार लिया जाएगा। वहीं, देश में हर खेल की दो से अधिक फेडरेशन के सवाल पर कहा कि देश में हर खेल की एक ही फेडरेशन होनी चाहिए। इससे खिलाड़ियों का भला होगा।