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GMCH-32: नर्सिंग अफसरों की भर्ती फर्जीवाड़े में बड़ा खुलासा, 80 फीसदी ने लगाया फर्जी ट्रिपल C प्रमाणपत्र

Sat, 06 May 2023 01:18 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

गंभीर बात यह है कि इस गड़बड़ी की जानकारी समय रहते जीएमसीएच-32 प्रशासन को देने के बावजूद उस पर त्वरित कार्रवाई करने की जगह मामले पर पर्दा डाल दिया गया। फिलहाल स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने मामले को संज्ञान में लेकर पुन: सभी चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच के साथ फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने वालों की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
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जीएमसीएच 32
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विस्तार
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चंडीगढ़ के जीएमसीएच-32 में नर्सिंग अफसरों की भर्ती फर्जीवाड़े में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 182 पदों पर हुई नियुक्तियों में से लगभग 80 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने सीसीसी (कोर्स ऑन कंप्यूटर कॉन्सेप्ट्स) के 80 घंटे के प्रमाणपत्र के बजाय राजस्थान स्टेट सर्टिफिकेट कोर्स इन इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का सर्टिफिकेट जमा किया है, जिसे अस्पताल प्रशासन ने बिना आपत्ति के स्वीकार कर उन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र थमा दिया। ऐसा तब किया गया है जब नियुक्तियों के विज्ञापन में साफतौर पर लिखा गया था कि सिर्फ नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (एनआईईएलआईटी)से ही किए गए कोर्स को मान्यता दी जाएगी जबकि इससे पहले मेरिट में आने वाले अभ्यर्थियों को इस सर्टिफिकेट के न होने पर छांट दिया गया था। 

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इतना ही नहीं जमा कराए गए सीसीसी प्रमाणपत्र को बनवाने के लिए अभ्यर्थियों ने यूट्यूब पर जारी विज्ञापन का सहारा लिया। इसके जरिए गए फर्जी प्रमाणपत्र बनाने वाले एक गिरोह से 5 से 10 दिन में प्रमाणपत्र हासिल कर लिया। अमर उजाला संवाददाता ने जब इस गिरोह के यूट्यूब पर दिए गए नंबर 637562xxxx पर व्हाट्एस किया तो चंद सेकेंड में जवाब आया कि 5 से 10 दिन के अंदर प्रमाणपत्र मिल जाएगा। 

गंभीर बात यह है कि इस गड़बड़ी की जानकारी समय रहते जीएमसीएच-32 प्रशासन को देने के बावजूद उस पर त्वरित कार्रवाई करने की जगह मामले पर पर्दा डाल दिया गया। फिलहाल स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने मामले को संज्ञान में लेकर पुन: सभी चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच के साथ फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने वालों की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।

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परीक्षा के चंद मिनट बाद ही वायरल हो गया पेपर 
जीएमसीएच-32 में 28 अगस्त 2022 को नर्सिंग अफसरों के 182 पदों पर तैनाती के लिए हुए पेपर में अभ्यर्थियों को मोबाइल समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की मनाही थी। इतना ही नहीं परीक्षा के बाद सभी अभ्यर्थियों से पेपर ले लिए गए थे लेकिन परीक्षा खत्म होने के चंद मिनट बाद ही पेपर वायरल हो गया था। इस संबंध में 14 सितंबर 2022 को अस्पताल प्रशासन से लिखित शिकायत भी की गई थी लेकिन इसके जवाब में अस्पताल प्रशासन ने कहा कि कुछ अभ्यर्थी पेपर लेकर भाग गए थे जबकि वायरल पेपर और जीएमसीएच-32 के पेपर की सीरीज अलग-अलग थे। सूत्रों का कहना है कि इससे साफ पता चलता है कि पेपर परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था।

परीक्षा के मानकों की हुई अनदेखी 
इतना ही नहीं परीक्षा के दौरान मानकों की भी हर स्तर पर धज्जियां उड़ाई गईं। अगर मानकों पर गौर करें तो 100 में से 70 थ्योरी और 30 प्रैक्टिकल के सवाल होने चाहिए थे लेकिन परीक्षा के दौरान दिए गए पेपर में थ्योरी वाले सवालों की संख्या लगभग 90 थी। थ्योरी और प्रैक्टिकल के मानक की अनिवार्यता इसलिए बनाई गई है ताकि नर्सिंग के क्षेत्र में आने वाले को क्लीनिकल जानकारी भी हो।
 
पुलिस ने भी नहीं दिया ध्यान
यूट्यूब पर सीसीसी प्रमाणपत्र 5 से 10 दिन में बनाने के लिए अपलोड विडियो के संबंध में जीएमसीएच-32 के नर्सिंग अफसरों ने अस्पताल परिसर स्थित पुलिस चौकी में शिकायत की थी लेकिन उन्हें यह कहकर चुप करा दिया गया कि जब तक अस्पताल प्रशासन इस संबंध में शिकायत नहीं करता तब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकती। 
 
मामले की जांच जारी है। भर्ती की प्रक्रिया के दौरान कंप्यूटर कोर्स समेत सभी सर्टिफिकेट की स्क्रूटनी की गई। जारी करने वाली संस्था से उनका पुन: सत्यापन करवाएंगे। जारी करने वाले संस्थानों की विश्वसनीयता देखने के पहलुओं पर भी उचित ध्यान दिया जाएगा। - यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव।
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