परीक्षा के चंद मिनट बाद ही वायरल हो गया पेपर
जीएमसीएच-32 में 28 अगस्त 2022 को नर्सिंग अफसरों के 182 पदों पर तैनाती के लिए हुए पेपर में अभ्यर्थियों को मोबाइल समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की मनाही थी। इतना ही नहीं परीक्षा के बाद सभी अभ्यर्थियों से पेपर ले लिए गए थे लेकिन परीक्षा खत्म होने के चंद मिनट बाद ही पेपर वायरल हो गया था। इस संबंध में 14 सितंबर 2022 को अस्पताल प्रशासन से लिखित शिकायत भी की गई थी लेकिन इसके जवाब में अस्पताल प्रशासन ने कहा कि कुछ अभ्यर्थी पेपर लेकर भाग गए थे जबकि वायरल पेपर और जीएमसीएच-32 के पेपर की सीरीज अलग-अलग थे। सूत्रों का कहना है कि इससे साफ पता चलता है कि पेपर परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था।
परीक्षा के मानकों की हुई अनदेखी
इतना ही नहीं परीक्षा के दौरान मानकों की भी हर स्तर पर धज्जियां उड़ाई गईं। अगर मानकों पर गौर करें तो 100 में से 70 थ्योरी और 30 प्रैक्टिकल के सवाल होने चाहिए थे लेकिन परीक्षा के दौरान दिए गए पेपर में थ्योरी वाले सवालों की संख्या लगभग 90 थी। थ्योरी और प्रैक्टिकल के मानक की अनिवार्यता इसलिए बनाई गई है ताकि नर्सिंग के क्षेत्र में आने वाले को क्लीनिकल जानकारी भी हो।
पुलिस ने भी नहीं दिया ध्यान
यूट्यूब पर सीसीसी प्रमाणपत्र 5 से 10 दिन में बनाने के लिए अपलोड विडियो के संबंध में जीएमसीएच-32 के नर्सिंग अफसरों ने अस्पताल परिसर स्थित पुलिस चौकी में शिकायत की थी लेकिन उन्हें यह कहकर चुप करा दिया गया कि जब तक अस्पताल प्रशासन इस संबंध में शिकायत नहीं करता तब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकती।
मामले की जांच जारी है। भर्ती की प्रक्रिया के दौरान कंप्यूटर कोर्स समेत सभी सर्टिफिकेट की स्क्रूटनी की गई। जारी करने वाली संस्था से उनका पुन: सत्यापन करवाएंगे। जारी करने वाले संस्थानों की विश्वसनीयता देखने के पहलुओं पर भी उचित ध्यान दिया जाएगा। - यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव।