हरियाणा में सत्ता परिवर्तन की तैयारी में जुटे पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा दिसंबर में बड़ी रैली कर शक्ति प्रदर्शन करेंगे। एक नवंबर को करनाल में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के बाद होने वाली इस रैली को एतिहासिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। हुड्डा के करीबी विधायकों ने राय दी है कि यह रैली हरियाणा के केंद्र में की जाए। जिससे पूरे हरियाणा में संदेश जाए।
यहां पत्रकारों से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों को बेमौसमी बारिश की वजह से हुए नुकसान की भरपाई करे अन्यथा आंदोलन के लिए तैयार रहे। सरकार सेटेलाइट से पराली जलने पर नजर रखती है तो नुकसान के आकलन पर नजर नहीं रहती है क्या। उन्होंने कहा कि राफेल डील में देश की जनता के साथ धोखा हुआ है। हमारी सरकार का यह स्टैंड है कि इस मामले में जेपीसी बनवा कर जांच करवाई जाए, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। केंद्र सरकार जानबूझ कर कमेटी का गठन नहीं कर रही। इसका मतलब दाल में कुछ काला है।
हुड्डा ने कहा कि हमारी सरकार के समय डीजल सबसे सस्ता था, लेकिन अब पेट्रोलियम पदार्थों के रेट रोजाना बढ़ रहे हैं। हरियाणा में रोजाना कर्मचारी आंदोलन हो रहे हैं और सरकार सुध नहीं ले रही। सरकार को यह नहीं पता है कि यह आंदोलन एस्मा, लाठी और गोली से नहीं रुकेंगे, बल्कि इनका हल बातचीत के माध्यम से निकाला जाना चाहिए।
बाजरे की खरीद पर स्थिति स्प्ष्ट करने को कहा
हुड्डा ने सरकार से सवाल किए हैं कि बाजरे और कपास की खरीद के दिशा निर्देश अभी तक फील्ड में नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने कहा है कि क्या बाजरा खरीद में पिछले साल लगाई गई शर्तें बदली गई हैं। सरकार स्पष्ट करे कि बाजरा खरीद में भावांतर योजना लाई जा रही है, या मंडी में पहुंची पूरी फसल एमएसपी पर खरीदी जाएगी। सरकार ऑनलाइन खरीद की बात कह रही है। जब सब केंद्रों पर आधारभूत ढांचा मौजूद नहीं है तो खरीद संभव कैसे होगी। साथ ही खरीद केंद्र दूर होने से किसान का खर्चा बढ़ेगा।