पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि प्रो. वीरेंद्र सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत लगाई है, लेकिन उन्हें भूमिगत होने के बजाय कानून का सामना करना चाहिए। हुड्डा मंगलवार को यहां प्रेसवार्ता में बोल रहे थे। हुड्डा ने पूरे मामले से किनारा करते हुए कहा कि वीरेंद्र सिंह अब उनके सलाहकार नहीं है।
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रो. वीरेंद्र सिंह का आंदोलन को भड़काने वाला ऑडियो वायरल हुआ था और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। हुड्डा ने कहा कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज से करवाई जाए। उन्होंने कहा कि आरक्षण आंदोलन के दौरान कई ऑडियो और वीडियो सामने आए हैं, लेकिन इनकी सत्यता की जांच होनी चाहिए।
दो बार सीएम रह चुके हु्डडा ने आरोप लगाया कि कुछ भाजपा नेताओं ने ही जाट आंदोलन के दौरान विवादास्पद बयान देकर हालात को बिगाड़ दिया। हजंका सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई के आरोपों पर कि वीरेंद्र सिंह गोवा में हुड्डा के रिसोर्ट में हैं, इस पर हुड्डा ने कहा कि कुलदीप मेरे छोटे भाई जैसा है। मैं उसके साथ चलता हूं और वह रिसोर्ट बताएं। यदि वह ऐसा नहीं कर सके तो उन्हें मुझे गोवा में फ्लैट देना होगा।
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हिंसक आंदोलन की वजह भाजपा में कुर्सी का झगड़ा
भूपेंद्र सिंह हुड्डा
- फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया है कि आरक्षण आंदोलन के दौरान हरियाणा में हुईं हिंसक घटनाओं के लिए पूरी तरह भाजपा सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि सच्चाई की तह तक पहुंचने के लिए मामले की सर्वोच्च न्यायालय के सेवारत न्यायाधीश से जांच कराई जाए।
हुड्डा मंगलवार को अपने निवास पर प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा के मंत्री आरक्षण आंदोलन को लेकर जिस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं, उससे ऐसा लग रहा है कि हिंसक आंदोलन की वजह सिर्फ कुर्सी का ही झगड़ा है। सीएम की कुर्सी को लेकर ही यह सब रचा गया प्रतीत हो रहा है।
पचास साल के इतिहास की सबसे निकम्मी सरकार
कहा कि प्रदेश में 50 साल के इतिहास में इतनी निकम्मी और हर मोर्चे पर विफल सरकार कभी सत्ता में नहीं आई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अगर जांच करना चाहती है तो अपने मंत्रियों, सांसद और विधायकों के बयानों और पूरे मामले में अफसरों की भूमिका की जांच कराए।
जाटों को आरक्षण के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि डेढ़ साल तक भाजपा की केंद्र और राज्य की सरकार इस मामले में एक कदम भी नहीं आगे चली। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अग्नि परीक्षा देने के लिए तैयार हूं। मेरे 10 साल के शासन के दौरान कई बड़े आंदोलन प्रदेश में हुए, लेकिन कांग्रेस सरकार ने कभी दंगा नहीं होने दिया।
जाटों को आरक्षण के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि डेढ़ साल तक भाजपा की केंद्र और राज्य की सरकार इस मामले में एक कदम भी नहीं आगे चली। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश के मुख्यमंत्री व कुछ मंत्री आरक्षण देने का आश्वासन देते रहे, वहीं भाजपा के कुछ सांसद, मंत्री एवं विधायक विरोध में बयान देने में जुटे रहे, इससे भ्रम की स्थिति बनी।
भाजपा ने प्रदेश में भाईचारा बिगाड़ने का षड्यंत्र रचा था, जिसे कांग्रेस कभी पूरा नहीं होने देगी। पूर्व सीएम ने जनता से अपील की कि वे भाईचारा बनाए रखें। प्रो. वीरेंद्र सिंह के मामले में एक सवाल के जवाब में पूर्व सीएम ने कहा कि वीरेंद्र सिंह ने नोटिस का जवाब भेज दिया है और अब पार्टी आलाकमान उस पर फैसला लेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का रुख इस मुद्दे पर साफ है कि जो कोई भी दोषी हो उसके खिलाफ अवश्य कार्रवाई की जाए।
लोगों में सरकार के प्रति गुस्सा
पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार ने चुनाव पूर्व 174 वादे किए थे, लेकिन कोई भी पूरा नहीं किया। लोगों में सरकार के प्रति गुस्सा है क्योंकि सरकार के नाकामियां साफ दिखने लगी हैं। हुड्डा ने इस बात से इंकार किया कि लोगों ने उनका विरोध किया था। हुड्डा ने कहा कि जिन लोगों को आंदोलन के दौरान नुकसान झेलना पड़ा है, वह सभी लोग उनसे मिले। झज्जर में वे खुद 14 घरों में गए थे। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान ही वे रोहतक जाना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें वहां नहीं जाने दिया।