हरियाणा में किसान पंचायतों से शक्ति प्रदर्शन करने के बाद प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर कांग्रेस आलाकमान को बदलते सियासी रुख के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। हुड्डा समर्थक विधायकों में से एक जयतीर्थ दहिया के बयान से और स्पष्ट हो गया है कि हुड्डा पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की राह पर हैं। दहिया ने बयान दिया है कि हुड्डा और मोदी की मुलाकात का सियासी मतलब साफ है। इसे आम मुलाकात के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए।
पंजाब विधानसभा चुनाव पहला ऐसा चुनाव रहा, जिसमें आलाकमान को न चाहते हुए भी कैप्टन अमरिंदर सिंह को पार्टी का चेहरा बनाना पड़ा। टिकट वितरण से लेकर मंत्रिमंडल विस्तार तक अपनी चलाने के बाद भाजपा छोड़ कांग्रेस में आए नवजोत सिंह सिद्धू के डिप्टी सीएम बनने की राह में रोड़ा भी कैप्टन ने ही अटकाया, लेकिन मोदी के कांग्रेस मुक्त भारत के सपने को पूरा होने से रोक दिया।
हुड्डा समर्थक विधायक आलाकमान के सामने भी कई बार हुड्डा के हाथ में प्रदेश कांग्रेस की बागडोर देने की बात कर चुके हैं, जिसके बाद अब जयतीर्थ दहिया ने ताजा बयान दिया है। दहिया के बयान के बाद विपक्ष सक्रिय हो गया है और हुड्डा खेमे से दबाव की राजनीति शुरू हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही हुड्डा अपने समर्थक विधायकों के साथ अन्य समर्थकों के साथ तय रणनीति के तहत एक बैठक करेंगे, जिसके बाद ही आगे की रणनीति तय होगी।