चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने भारती एयरेटल लिमिटेड के खिलाफ 20 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। कंपनी ने उपभोक्ता को एयरटेल एक्सट्रीम फाइबर का कनेक्शन दिया था। उपभोक्ता ने जब पुराने कनेक्शन को नए स्थान पर शिफ्ट करने के लिए ईमेल किया तो कंपनी ने नए पते पर फाइबर वॉयर न होने का हवाला देते हुए कनेक्शन शिफ्ट करने से इन्कार कर दिया, जबकि उपभोक्ता की ओर से नए कनेक्शन के लिए भुगतान किए जाने पर उसी पते पर कनेक्शन दे दिया गया।
सेक्टर-63 के रहने वाले पुष्कर भारद्वाज ने भारती एयरटेल लिमिटेड यूनिटेक वर्ल्ड कंपनी के खिलाफ सेवाओं में कमी को लेकर उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर की थी। याचिका में उन्होंने बताया कि उन्होंने 30 मई 2020 को सेक्टर-46 स्थित अपने घर के लिए तीन माह की अग्रिम भुगतान कर 2828 रुपये की रकम देते हुए एयरटेल एक्सट्रीम से फाइबर का कनेक्शन लिया था। याचिकाकर्ता के मुताबिक उक्त कंपनी के अधिकारी ने आश्वासन दिया कि इस कनेक्शन को उपभोक्ता के कहने पर दो दिन के भीतर ही निशुल्क नए पते पर स्थानांतरित कराया जा सकता है। इसके बाद शिकायकर्ता ने 30 जून 2020 को कंपनी से कनेक्शन को अपने नए पते पर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया। शिकायकतकर्ता ने कनेक्शन शिफ्ट करने को लेकर कई ईमेल भी भेजे। इसके बाद भी कंपनी की ओर से कनेक्शन शिफ्टिंग को लेकर कोई ध्यान दिया गया तो याचिकाकर्ता ने कनेक्शन निलंबित कर दिया।
मामले में कंपनी की ओर से कहा गया कि 30 जून 3020 को उपभोक्ता से संपर्क नहीं हो पाने के चलते शिकायतकर्ता के कनेक्शन शिफ्टिंग का अनुरोध रद्द कर दिया गया था। उपभोक्ता आयोग ने कहा इस प्रकार कंपनी का कार्य और आचरण न केवल कंपनी की सेवा में कमी को साबित करता है, बल्कि अनुचित व्यापार व्यवहार में उसकी संलिप्तता को भी साबित करता है। जिसके परिणामस्वरूप शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न, हानि उठानी पड़़ी। मामले में उपभोक्ता आयोग ने भारती एयरेटल लिमिटेड कंपनी पर 20 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है।