चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने भारतेंदु शांडिल्य को फिर से दिल्ली में डिप्टी रेजिडेंट कमिश्नर नियुक्त किया है। वह अगले एक साल तक दिल्ली में सेवाएं देंगे। उन्हें स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सहायक सचिव के पद के विरुद्ध सैलरी दी जाएगी। इसे लेकर पिछले वर्ष चंडीगढ़ ऑडिट विभाग ने आपत्ति जताई थी। हालांकि, अब प्रशासन के अधिकारी कह रहे हैं कि उन्होंने ऑडिट आपत्ति के मामले को सुलझा लिया है।
यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल की तरफ से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुके दिल्ली एडमिनिस्ट्रेशन सब-ऑर्डिनेट सर्विस के सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-वन भारतेंदु शांडिल्य को अनुबंध के आधार पर 3 अक्टूबर 2024 तक या जब तक प्रशासन को उनकी सेवाओं की जरूरत होगी, उन्हें दिल्ली में डिप्टी रेजिडेंट कमिश्नर की नियुक्ति दी गई है। आदेश में कहा गया है कि वह चंडीगढ़ स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सहायक सचिव के पद के विरुद्ध सैलरी लेंगे। प्रशासन ने उन्हें यह ऑफर दिया था, जिसे भारतेंदु शांडिल्य ने स्वीकार कर लिया है। शांडिल्य पिछले कई वर्षों से इस पद पर तैनात हैं। वह दिल्ली में यूटी प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं। उनके अलावा सिटको के भी दो कर्मचारी दिल्ली में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनका मुख्य काम किसी काम से दिल्ली जाने वाले यूटी प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों के दौरे की व्यवस्थाओं को देखना होता है। हालांकि, पिछले साल इस पद को लेकर ऑडिट ने आपत्ति जताई थी।
ऑडिट ने कहा था- एसटीए का काम प्रभावित हो रहा, दिल्ली में दिया जा रहा वेतन
ऑडिट चंडीगढ़ के प्रिंसिपल डायरेक्टर ने पिछले साल एक रिपोर्ट में दिल्ली में तैनात यूटी डिप्टी रेजिडेंट कमिश्नर को किए गए पिछले वर्षों के भुगतान और भत्तों पर 67 लाख रुपये के व्यय पर आपत्ति जताई थी। कहा गया था कि चंडीगढ़ स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सहायक आयुक्त का पद पिछले कई वर्षों से खाली है। इससे वहां के कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं लेकिन उसके पद के विरुद्ध सैलरी दिल्ली में बैठे एक अधिकारी को दी जा रही है। रिपोर्ट में इस बात पर भी आपत्ति जताई गई थी कि केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार दिल्ली में तैनात एक अधिकारी का सामान्य कार्यकाल तीन साल है, जबकि इस मामले में कई वर्षों से तैनाती मिली हुई है। अब तक कुल किए गए 67 लाख के भुगतान का ऑडिट ने स्पष्टीकरण की मांग की थी।
पिछले साल ही प्रशासन ने दे दिया था ऑडिट आपत्ति का जवाब
दिल्ली में चंडीगढ़ के डिप्टी रेजिडेंट आयुक्त भारतेंदु शांडिल्य ने कहा कि प्रशासन की तरफ से आए ऑफर को उन्होंने हां बोल दिया है। डेंगू की वजह से तबीयत खराब है, इसलिए एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर नहीं कर पाया हूं। सैलरी कहां से देनी है, ये फैसला प्रशासन का होता है। चंडीगढ़ एक छोटा सा शहर है। सारा पैसा केंद्र सरकार से आता है और केंद्र को ही जाता है। उन्होंने कहा कि एसटीए के सहायक सचिव का पद कई वर्षों से खाली है। सैलरी नहीं जाती तो वह पद कब का खत्म हो गया होता। एक बार पद के खत्म हो जाने के बाद उसे रिवाइव करने की प्रक्रिया काफी लंबी और जटिल है। ऑडिट आपत्ति को लेकर उन्होंने कहा कि पिछले साल ही प्रशासन ने उस संबंध में जवाब दे दिया था, जिसके बाद मामले को सुलझा लिया गया था।
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डेपुटेशन पर जो भी कर्मचारी आते हैं, उन्हें किसी न किसी पोस्ट के विरुद्ध सैलरी दी जाती है। इस मामले में जो ऑडिट की आपत्ति लगी थी, उसका हमने जवाब दे दिया था। - धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक