आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने पुलिस हिरासत में हो रही रहस्यमय मौतों की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में जेलों और पुलिस हिरासत में डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोग मर चुके हैं। इनमें से कई नशा तस्करी जैसे गंभीर आरोपी थे।
अमृतसर में हिरासत के दौरान एएसआई अवतार का खुद को गोली मार लेना इसकी ताजा मिसाल है। जो अपने साथी एएसआई जोरावर सिंह के साथ नशा तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार हुआ था। मान ने कहा कि हिरासत में मौतों के विवरण एक जैसे हैं। यह साधारण नहीं है, इस पर यकीन करना मुश्किल है। ये रसूखदार नशा तस्करों द्वारा भेद खुलने के डर से कराए गए कत्ल भी हो सकते हैं।
इसमें पुलिस की भूमिका संदिग्ध है, इसलिए सीबीआई जांच जरूरी है। मान ने कहा कि अमृतसर के ही व्यापारी गुरपिंदर सिंह की मौत का मामला भी बेहद गंभीर है। जिस पर पाक से नमक की बोरियों में अरबों की हेरोइन मंगवाने का आरोप था। फरीदकोट के जसपाल सिंह की हिरासत में मौत के बाद इंस्पेक्टर नरिंदर सिंह की आत्महत्या की गुत्थी भी अभी नहीं सुलझी है।