निजी चैनल पर भगवान वाल्मीकि पर प्रसारित कार्यक्रम को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में तीखी बहस हुई। कार्यक्रम को लेकर वीडियो हटाने, चैनल व एंकर से माफी की मांग और केंद्र सरकार से कार्रवाई की अपील की गई थी। याचिका जालंधर निवासी हानि बालू ने दाखिल की थी।
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सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता से कड़े सवाल किए। अदालत ने पूछा कि क्या आप इतिहास की बात कर रहे हैं या पौराणिक कथाओं की? अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि महर्षि वाल्मीकि के जीवन से जुड़ी घटनाएं सभी ने पढ़ी हैं, यह तो गर्व की बात है कि एक डाकू से वे महान ऋषि बने। इसमें शर्म की क्या बात है?
अदालत ने याचिका की गंभीरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या आप इस याचिका को लेकर गंभीर हैं? आप अदालत का समय बर्बाद कर रहे हैं। साथ ही याचिकाकर्ता को चेतावनी दी गई कि यदि आरोप लगाए जा रहे हैं तो उनका प्रमाण प्रस्तुत किया जाए।
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कार्यवाही के दौरान अदालत ने बार एसोसिएशन में दस हजार रुपये की लागत लगाने की चेतावनी भी दी। अदालत की सख्त टिप्पणियों के बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी।इसके बाद हाईकोर्ट ने मामला वापस लिए जाने के कारण खारिज कर दिया और साथ ही लागत को भी हटा दिया।