यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने शहरवासियों को भिखारियों से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने ट्वीट किया है कि शहर के ट्रैफिक प्वाइंट्स पर पैसे मांगने वाले भिखारी कोरोना पॉजिटिव हो सकते हैं, इन्हें पैसे न दें। उन्होंने यह भी लिखा है कि प्रशासन उन्हें जेल नहीं भेज सकता, क्योंकि भिखारी होना कोई अपराध नहीं है।
भिखारियों को लेकर के इस ट्वीट का कुछ लोगों ने जहां स्वागत किया है, वहीं कुछ लोगों ने विरोध भी किया है। लोगों का कहना है कि सलाहकार का यह ट्वीट बेहद संवेदनहीन है। लोगों का कहना है कि प्रशासन खुद कुछ करने में समर्थ नहीं हैं और जो लोग भीख मांगकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं, अब इस ट्वीट से उनके सामने रोटी का संकट पैदा हो जाएगा। सलाहकार को ऐसा ट्वीट नहीं करना चाहिए था। उधर, सलाहकार मनोज परिदा ने ट्वीट पर लिखा है कि शेल्टर होम में ले जाने पर भी भिखारी वहां से पैसे कमाने के चक्कर में भाग निकलते हैं।