अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा की बिजली वितरण कंपनियों ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। हरियाणा की बिजली वितरण कंपनियों का एटीएंडसी लॉस सिंगल डिजिट में पहुंच गया है। एटीएंडसी लॉस मात्र 9.05 प्रतिशत रिकाॅर्ड किया गया है। इनमें यूएचबीवीएन का एटीएंडसी लॉस 7.19 रहा
और डीएचबीवीएन का 10.36 प्रतिशत रहा। बता दें कि पहले से दोनों डिस्कॉम को भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय से ए+ ग्रेड मिला हुआ है। इसके साथ हरियाणा में 5805 गांवों को 24 घंटे बिजली दी जा रही है।
बता दें कि समग्र तकनीकी और वाणिज्यिक (एटीएंडसी) हानि बिजली वितरण प्रणाली के प्रदर्शन का एक वास्तविक माप है, क्योंकि इसमें तकनीकी हानि और वाणिज्यिक हानि दोनों शामिल हैं। यह सिस्टम और उन इकाइयों में इनपुट ऊर्जा के अंतर को दर्शाता है जिनके लिए भुगतान एकत्र किया गया है। बिजली विभाग राजस्व पहले 27656.65 करोड़ था जो अब बढक़र 31136.86 करोड़ रुपये हो गया है ( इसमें 5769.94 करोड़ रुपये की सरकारी कृषि सब्सिडी अलग है)। इसके अलावा, यमुनानगर में एक 800 मेगावाट का नया सुपर क्रिटिकल थर्मल प्लांट बन रहा है जिस पर 6900 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका काम भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (बीएचईएल) को सौंपा गया, यह प्लांट 57 महीने में बन कर तैयार होगा।