जिला व सेशन जज हरपाल सिंह की अदालत ने शनिवार को बहिबल कलां गोलीकांड मामले में गिरफ्तार मोगा के पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा की जमानत याचिका खारिज कर दी। पूर्व एसएसपी ने 25 फरवरी को जिला अदालत के सामने जमानत याचिका दायर की थी। एक दिन पहले शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस हुई थी और अदालत ने फैसले के लिए शनिवार का दिन तय किया था।
जानकारी के अनुसार बेअदबी मामले से संबंधित गोलीकांड की घटनाओं की जांच कर रही एसआईटी ने 27 जनवरी को मोगा के तत्कालीन एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा को होशियारपुर स्थित आवास से गिरफ्तार किया था और वर्तमान समय में वह न्यायिक हिरासत में पटियाला जेल में बंद है। अपनी जमानत याचिका में पूर्व एसएसपी ने कहा था कि एसआईटी ने उसे झूठे व बेबुनियाद केस में फंसाया है और उनसे पूछताछ का काम पूरा हो चुका है।
भविष्य में वह जरूरत पड़ने पर एसआईटी व अदालत को अपना सहयोग देते रहेंगे। याचिका पर सुनवाई के दौरान एसआईटी ने उन्हें जमानत दिए जाने का विरोध किया। एसआईटी ने कहा कि चूंकि चरणजीत सिंह शर्मा, फरीदकोट के एसएसपी रह चुके हैं, ऐसे में वह जेल से बाहर आने के बाद घटना से संबंधित गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।
बचाव पक्ष के वकीलों ने पूर्व एसएसपी के हृदय रोग से पीड़ित होने का हवाला दिया और एसआईटी पर भेदभावपूर्ण ढंग से केस की जांच करने के आरोप लगाए।
ये था मामला और ऐसे हुई कार्रवाई
बहिबल गोलीकांड की घटना में 14 अक्तूबर 2015 को पुलिस फायरिंग के चलते दो नौजवानों की मौत हो गई थी। इस मामले में 21 अक्तूबर 2015 को थाना बाजाखाना में अज्ञात पुलिस पार्टी पर हत्या का केस दर्ज किया था और जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 11 अगस्त 2018 को इस केस में तत्कालीन एसएसपी मोगा चरणजीत सिंह शर्मा, एसपी फाजिल्का बिक्रमजीत सिंह, एसएसपी मोगा के रीडर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह व थाना बाजाखाना प्रभारी एसआई अमरजीत सिंह कुलार को नामजद किया गया।
इसमें पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस केस के बाकी तीन आरोपी पुलिस अधिकारियों को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली हुई है। बहिबल कलां गोलीकांड से संबंधित पूर्व एसएसपी की जिप्सी पर फायरिंग मामले को लेकर शनिवार एसआईटी प्रमुख व एडीजीपी प्रबोध कुमार की निगरानी में फगवाड़ा में एसपी बिक्रमजीत सिंह, डीएसपी हरजिंदर सिंह के अलावा फरीदकोट निवासी कांग्रेस समर्थक सुहेल सिंह बराड़, कार डीलर के मैनेजर संजीव कुमार व उनके निजी गनमैन रहे चरणजीत सिंह से पूछताछ की गई।
अदालत में एसडीएम सियाल के भी बयान दर्ज
कोटकपूरा गोलीकांड मामले में एसआईटी ने शनिवार को फरीदकोट के तत्कालीन एसडीएम वीके सियाल के भी धारा 164 के तहत जेएमआईसी एकता उप्पल की अदालत में बयान दर्ज करवा दिए। एसडीएम सियाल ने जस्टिस रणजीत सिंह आयोग के पास खुलासा किया था कि घटना वाले दिन उनके सामने ही पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ ने मुख्यमंत्री से उनके विशेष प्रमुख सचिव गगनदीप सिंह के माध्यम से बात की थी।
फोन पर बात खत्म करने के बाद उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री, डीजीपी से बात करके उन्हें निर्देश जारी करेंगे। एसडीएम सियाल ने एसआईटी के पास भी यही बयान दिया था जिसे अब एसआईटी ने अदालत के पास दर्ज करवा दिया है। दो दिन पहले एसआईटी ने कोटकपूरा के एसडीएम हरजीत सिंह संधू के भी अदालत के पास बयान दर्ज करवाए थे।