चंडीगढ़। सेक्टर-16 रोज गार्डन में शनिवार को महिला दीक्षा की संदिग्ध मौत के मामले में रविवार को पोस्टमार्टम हुआ। हालांकि, अभी रिपोर्ट आनी बाकी है। वहीं, पुलिस ने विसरा जांच के लिए सैंपल लैब भेज दिए हैं। शुरुआती जांच में डॉक्टरों और पुलिस ने आत्महत्या की आशंका जताई है। सूत्रों का कहना है कि मृतका के साथ किसी भी तरह की जबरदस्ती या हमले के निशान नहीं मिले।
पुलिस के अनुसार मूलरूप से सहारनपुर की रहने वाली दीक्षा के गले पर एक चाकू का घाव मिला, जो बाईं तरफ था। दीक्षा लेफ्टी थी, इसलिए पुलिस इस एंगल को आत्महत्या के एंगल से भी देख रही है। शनिवार को दीक्षा सप्ताहभर बाद अपने ऑफिस पहुंची थी, लेकिन पांच मिनट में वह वहां से निकल गई। दोपहर 2 बजे वह पैदल ट्रिब्यून चौक पहुंची और वहां से ऑटो लेकर सेक्टर-17 आई। करीब 3 बजे आरबीआई के पास उतरी और सेक्टर-16/17 अंडरपास से होते हुए रोज गार्डन पहुंची। सीसीटीवी फुटेज में वह पूरी तरह अकेली नजर आ रही है। करीब 3:30 बजे, शौचालय में गई दो महिलाओं ने दीक्षा को खून से लथपथ तड़पता देखा। उन्होंने उसे बाहर आकर मदद के लिए आवाज लगाई। पुलिस ने दोनों महिलाओं के बयान दर्ज कर लिए हैं।
पंचकूला के अस्पताल में चल रहा था इलाज
पुलिस को मृतका के बैग से खाली टिफिन, 700 रुपये और कई दवाइयां मिलीं। जेब से 150 रुपये भी मिले। हाथ में पहनी चांदी की अंगूठी और चूड़ियां जस की तस थीं जिससे पुलिस ने लूट की आशंका से इन्कार किया है। मौके से पुलिस को मिले दो मोबाइल की कॉल डिटेल की जांच में सिर्फ आउटगोइंग कॉल्स मिलीं। दीक्षा ऑफिस में कॉलिंग का काम करती थी। उसके जीजा भी उसी बिल्डिंग में दूसरी कंपनी में कार्यरत हैं। पुलिस के अनुसार दीक्षा का पंचकूला सेक्टर-21 के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। चंडीगढ़ सेक्टर-48 में उसके जीजा रहते हैं और वही दीक्षा को इलाज के लिए लेकर गए थे।
2020 में लव मैरिज, अब पांच साल का बेटा
दीक्षा की 2020 में सहारनपुर के ही एक युवक से लव मैरिज हुई थी। 2021 में उसे बच्चा हुआ। 2024 में पति-पत्नी में विवाद बढ़ा और दोनों अलग रहने लगे। पति ने पुलिस को बताया कि दीक्षा पति के अफेयर को लेकर शक करती थी। अलग होकर वह अपने मायके चली गई और वहीं रहकर एस्ट्रोलॉजी की पढ़ाई की। छह महीने पहले वह मोहाली के फेज-11 में पीजी में रहकर चंडीगढ़ में नौकरी करने लगी।
रोज गार्डन में सुरक्षा व्यवस्था लचर
संवाददाता ने रविवार देर शाम रोज गार्डन का दौरा कर हकीकत जानी। सेक्टर-16/17 लाइट पॉइंट वाले गेट पर कोई कैमरा नहीं। इस गेट पास के शौचालय पर भी कैमरा नहीं। रोज गार्डन के बिल्कुल बीच में मौजूद वेरका बूथ पर भी कोई कैमरा नहीं लगा हुआ है। इसके बाद संवाददाता ने मटका चौक के सामने गेट से एंट्री की तो तीन कैमरे लगे हुए थे। दो कैमरे एंट्री को कवर कर रहे हैं, जबकि पास में लगा 360 डिग्री कैमरा पार्क को कवर कर रहा है लेकिन पास में बड़े पेड़ होने के कारण शौचालय और अन्य जगह कवर नहीं हो रहे। वहीं, गार्डन में कोई सुरक्षा कर्मी भी तैनात नहीं था। ऐसे में लुटेरा या हत्यारा यहां आसानी से वारदात करके भाग सकता है।
शौचालय पर पुलिस ने लगाया ताला
शौचालय पर ड्यूटी करती सलमा देवी ने बताया कि यहां 4 महिलाएं और 5 पुरुष अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं। यहां कोई सिक्योरिटी गार्ड नहीं है। सुबह 60 से 65 माली आते हैं लेकिन शाम 5 बजे ड्यूटी पूरी कर चले जाते हैं। सलमा ने बताया कि वह चार साल से गार्डन में शौचालय पर ड्यूटी कर रही है लेकिन इससे पहले कोई घटना नहीं हुई। घटना वाले दिन वह छुट्टी पर थी और उसकी जगह विकास ड्यूटी पर था। घटना के बाद पुलिस ने शौचालय पर ताला लगा दिया और चाबी लेकर चली गई। अंदर काफी खून फैला था।