दोनों ने खुलासा किया कि इस वारदात को अंजाम देने में उनकी मदद एक तीसरे युवक ने भी की है। इस तीसरे युवक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने शनिवार को जींद में छापे भी मारे। फिलहाल आरोपी पुलिस पहुंच से बाहर है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। आरोपियों ने यह भी बताया था कि करीब एक महीने पहले वह क्लब देखने के लिए चंडीगढ़ आए थे और रेकी करके गए। फिर घटना से करीब एक सप्ताह पहले आरोपियों ने सेक्टर-26 के क्लबों तक आने-जाने वाले रास्तों का रूट प्लान पहले ही तैयार कर लिया था। आरोपियों से पूछताछ के दौरान गैंगस्टर काला जठेडी का भी नाम सामने आया है क्योंकि यह दोनों पहले से ही उसके लिए काम करते रहे है। इन दोनों आरोपियों पर पहले से मारपीट व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज है।
डिलीट की पोस्ट में लिखा था रणदीप का नाम
बम ब्लास्ट की घटना के कुछ घंटे बाद ही इसकी जिम्मेवारी सोशल मीडिया में वायरल की गई एक पोस्ट के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े गोल्डी बराड़ व रोहित गोदारा ने ली थी। कुछ देर बाद ही यह पोस्ट डिलीट कर दी गई थी। इस पोस्ट में इन दोनों के अलावा रणदीप मलिक, वरिंद्र चरण और बिश्नोई ग्रुप भी लिखा हुआ था।
हिसार के साहिल का नाम भी आया सामने
मुठभेड़ में पकड़े गए अजीत और विनय से नागरिक अस्पताल में शनिवार को पूछताछ की गई। इस दौरान उन्होंने जींद जेल में बंद आरोपी साहिल का नाम लिया। साहिल ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से दोनों की नजदीकी बढ़ाई थी। पूछताछ में एसटीएफ को कई अहम जानकारियां मिलीं हैं, हालांकि टीम ने अभी खुलासे से इन्कार कर दिया है। अजीत और विनय अभी उपचाराधीन हैं। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद दोनों को चंडीगढ़ पुलिस रिमांड पर लेकर आएगी। बता दें कि साहिल हिसार के गांव पेटवाड़ का निवासी है और जुलाना में हत्या के एक मामले में जेल में बंद है।