गाड़ियों में बैठ गए सरपंच
जैसे ही मधुमक्खियों का हमला हुआ तो धरने पर बैठे सरपंच भाग-भागकर अपनी गाड़ियों में बैठ गए। इसके अलावा कुछ लोगों ने गमछे और कंबल ओढ़कर खुद का बचाव किया। मगर जिन लोगों ने मक्खियों को हटाने के लिए अपने हाथ चलाने शुरू कर दिये या दौड़ने लगे, उन पर मक्खियों का हमला और ज्यादा बढ़ गया।
रामपाल बोला- मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा
मधुमक्खियों के हमले का शिकार बने थेबनहेड़ा के सरपंच रामपाल को जब पुलिस की गाड़ी से अस्पताल में ले जाया गया तो वहां गाड़ी से उतरने के बाद उन्हें कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। साथी सरपंच उसे पकड़कर आपातकालीन विभाग में लेकर गए। इसके अलावा वहां भर्ती जगतार को भी बार-बार उल्टियां आ रही थीं।
बुधवार को भीड़ में घुस गया था सांड़
सरपंचों के साथ ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। तीन दिन के धरने में इस तरह की दूसरी घटना है। धरने के पहले दिन बुधवार को करीब पांच हजार सरपंच हाउसिंग बोर्ड पर मौजूद थे। इसी दौरान सेक्टर-18 की तरफ से एक सांड़ धरनारत सरपंचों के बीच पहुंच गया। भीड़ को देखकर वह बिदक गया और इधर-उधर दौड़ने लगा। इस घटना में भी कुछ सरपंचों को हल्की-फुल्की चोट आई थी।