हाई पॉवर परचेज कमेटी की बैठक में 6.5 करोड़ रुपए के टेंडर हुए फाइनल
चंडीगढ़। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कंवर पाल ने बताया कि अब राज्य में मधुमक्खी पालन से जुड़े किसानों को व्यवसाय से संबंधित उपकरण सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगे। सरकार ने इन उपकरणों की दरें निश्चित कर दी है। सोमवार को हाई पॉवर परचेज कमेटी की बैठक में करीब 6.5 करोड़ रुपए की लागत के उपकरणों की दरें तय कीं। किसानों की लंबे समय से मांग थी कि मधुमक्खी पालन के उपकरणों की गुणवत्ता और दरें निर्धारित की जानी चाहिए। कृषि मंत्री ने बैठक के बाद कहा कि पिछले साल राज्य में मधुमक्खी पालकों ने 5000 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन किया था, जिसकी बाजार में करीब 55 करोड़ कीमत है। सरकार की ओर से मधुमक्खी पालकों को शहद एकत्रित करने और इस व्यवसाय से संबंधित अन्य उपकरणों को खरीदने पर लागत में 80 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। किसानों की डिमांड होती थी कि मधुमक्खी पालन के उपकरण बाज़ार में या तो मिलते नहीं, अगर मिलते हैं तो महंगी दरों पर निम्न क्वालिटी के मिलते हैं, जिससे उनकी आमदनी पर असर पड़ रहा है। यहां एक परिसर की छत के नीचे किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बी-बॉक्सेस, बी-टूल किट, बी-ब्रश, बी-ग्लॉव्स, बी-फीडर, रानी मक्खी का पिंजरा, शहद निकालने की मशीन समेत अन्य उपकरण उपलब्ध होंगे।