अनशन कर रहे बेरोजगार बीएड-टेट पास अध्यापकों ने शुक्रवार शाम उस समय एयरपोर्ट रोड पर जाम लगा दिया, जब शिक्षा सचिव से टीचरों की हुई मीटिंग में कोई भी नतीजा नहीं निकल पाया। टीचर बारिश में भी सड़क पर डटे रहे।
इस दौरान पानी की टंकी पर चढ़े एक टीचर ने पहले अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। इसके बाद पेट्रोल वाले कपड़ों में आग लगाकर नीचे फेंक दिया। इससे टीचरों के टेंट पर आग लग गई। इससे संघर्ष कर रहे टीचर में भगदड़ मच गई। हंगामे की सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंच गई। साथ ही संघर्ष पर चल रहे टीचरों को मनाने की कोशिश की, लेकिन खबर लिखे जाने तक टीचर अपनी मांग पर अड़े हुए थे। उनका कहना था कि जब तक उनकी नौकरी फाइनल नहीं होती है तब तक वह संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।
जानकारी के मुताबिक, बेरोजगार टीचरों की शुक्रवार सुबह शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार से मीटिंग हुई, लेकिन उसमें कोई हल नहीं निकला। इसके बाद टीचर वहां निकल आए। साथ ही पानी की टंकी के ऊपर ही राज्य सरकार का पुतला जलाया। साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद टीचरों ने एक मीटिंग कर एयरपोर्ट रोड पर जाम लगा दिया। इतना ही नहीं उन्होंने वहां की स्लिप रोड भी बंद कर दी। मौके पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने सारे ट्रैफिक को विभिन्न रास्तों से डायवर्ट कर दिया। वहीं, इस दौरान रोष में आए एक टीचर ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। जिससे सभी टीचरों की सांसे थम गईं। पुलिस वाले भी परेशानी में आ गए।
इसके बाद उसने अपनी कमीज उतारकर उसमें आग लगाकर नीचे फेंक दी। टेंट पर आग लगी कमीज गिरने से उसमें आग लग गई। संघर्ष पर चल रहे टीचरों ने साफ किया है कि अब वह आरपार की जंग लड़ रहे हैं। भले ही संघर्ष में उन्हें अपनी जान भी देनी पड़े तो वह पीछे नहीं हटेंगे। जिक्रयोग है कि यह टीचर 24 दिनों से संघर्ष पर है। इनमें कई टीचर अपने पारिवारिक मेंबरों के साथ हैं। उनका कहना है कि सरकार उनके साथ धक्का कर रही है। जबकि वह योग्यता पूरी करते है। ऐसे में उन्हें रेगुलर किया जाना चाहिए।