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रहें सजग... महिलाओं की तुलना में पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर ज्यादा घातक : प्रो. राधिका श्रीनिवासन

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चंडीगढ़। यह सोचना गलत है कि ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं में ही हो सकता है। अब पुरुष भी तेजी से इस मर्ज का शिकार हो रहे हैं। इसका कारण जेनेटिक हो सकता है। अन्य कारणों के बारे में अभी जानकारी उपलब्ध नहीं है। जरूरी है कि ब्रेस्ट कैंसर को लेकर महिलाओं से ज्यादा पुरुष सचेत हो जाएं क्योंकि इसका दुष्प्रभाव महिलाओं की तुलना में पुरुषों में ज्यादा तेजी से सामने आ रहा है। यह जानकारी पीजीआई के पैथालॉजी विभाग की प्रो. राधिका श्रीनिवासन ने शनिवार को ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता पर आयोजित कार्यक्रम में दी।
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उन्होंने बताया कि स्तन कैंसर पुरुषों में ब्रेस्ट के नॉन फंक्शनल मिल्क डक्ट्स, ग्लैंड्स और अन्य टिश्यू में विकसित हो सकता है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोगों को इस बारे में जानकारी ही नहीं है। पुरुषों के ब्रेस्ट टिश्यू में गांठ या दर्द होने की आशंका कम होने के चलते आखिरी स्टेज पर इसका पता चलता है, जो बेहद गंभीर स्थित है। हर साल लगभग एक प्रतिशत पुरुषों को स्तन कैंसर हो रहा है।
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इसलिए पुरुषों को ज्यादा खतरा
प्रो. राधिका ने बताया कि पुरुषों में स्तन ऊतक कम होते है, ऐसे में कैंसर उसके आसपास के अंगों में तेजी से फैलता है। महिलाओं में कैंसर को त्वचा पकड़ने में समय लगता है। 5 सेमी तक की गांठ महिलाओं में स्टेज दो कैंसर हो सकती है जबकि पुरुषों में एक सेमी जितनी छोटी गांठ स्टेज तीन हो सकती है। अधिकांश पुरुष रोगी एक समान संक्रमण होने के बावजूद महिला की तुलना में ज्यादा प्रभावित होते हैं। वहीं कार्यक्रम में मौजूद सर्जन प्रो. एमएस बोस ने बताया कि पुरुषों में सर्जरी के दौरान निप्पल क्षेत्र को हटा दिया जाता है। पुरुषों में स्तन कैंसर की सर्जरी महिला स्तन कैंसर से थोड़ी अलग होती है। पुरुषों में स्तन पर सर्जरी का बहुत छोटा सा निशान आता है।
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इनसेट
यह हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर का कारण
- रेडिएशन थेरेपी के कारण
- परिवार में ब्रेस्ट कैंसर की हिस्ट्री होने पर
- लाइफस्टाइल या कुछ जेनेटिक डिसऑर्डर की वजह से
- मोटापा, टेस्टीक्यूलर डिसऑर्डर, जेनेटिक फैक्टर, हार्मोनल इम्बैलेंस
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पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण
- ब्रेस्ट पर पपड़ी जम जाना।
- ब्रेस्ट के आकार में बदलाव और दर्द होना, निप्पल का बड़ा, सिकुड़ना या लाल होना।
- निप्पल का अंदर की तरफ मुड़ जाना।
- ब्रेस्ट में किसी तरह का घाव होना।
- आर्मपिट और ब्रेस्ट के आसपास सूजन होना।
- स्किन में खुजली होना।
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पुरोहित बोले- डॉक्टर की एक मुस्कान 50 प्रतिशत मर्ज कर देती है दूर
ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर शनिवार को पीजीआई में आयोजित कार्यक्रम में पंजाब के गवर्नर व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने विशेषज्ञों द्वारा कैंसर पर लिखी गई दो पुस्तकों का विमोचन किया। इसमें प्रो. एसएम बोस की ‘मेमोरीज ऑफ ए सर्जन’ और विभिन्न सेंटरों के विशेषज्ञों द्वारा तैयार रिफरेंस बुक ‘ब्रेस्ट कैंसर कॉमप्रिहैंसिव मैनेजमेंट’ शामिल है। इस दौरान उन्होंने पीजीआई के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि डॉक्टर की एक छोटी सी मुस्कान मरीज के मर्ज को आधा दूर कर देती है। वहीं उन्होंने ब्रेस्ट कैंसर जैसे मर्ज से बचाव के लिए नियमित स्क्रीनिंग और उचित पोषक के साथ नियमित रहन सहन पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि वे मरीजों का इलाज करने के साथ ही उन्हें स्वस्थ दिनचर्या के बारे में भी जागरूक करें। कार्यक्रम में पीजीआई के पूर्व निदेशक प्रो. एनके गांगुली, निदेशक पीजीआई प्रो. विवेक लाल मौजूद थे।
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