उपभोक्ता फोरम के आदेश का पालन न करने पर बीसीएल होम्स के डायरेक्टर व तीन अन्य लोगों को कैद की सजा और जुर्माना भुगतना होगा। जुर्माना न देने की सूरत में छह महीने की अतिरिक्त कैद होगी। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 के अध्यक्ष राजन देवान, सदस्य जसविंदर सिंह सिद्धू और प्रीति मल्होत्रा ने सुनवाई के बाद दिया है।
उपभोक्ता फोरम ने बीसीएल होम्स के डायरेक्टर बलदेव चंद बंसल, बीसीएल होम्स के गोपाल बंसल, बीसीएल होम्स के अथराइज्ड रिप्रजेंटेटिव राजीव कुमार और बांबे गोयल को दो- दो वर्ष की सजा और 10-10 हजार रुपये फाइन लगाया है। फाइन न देने पर छह महीने की कैद की सजा और होगी।
यह था मामला...
शिकायतकर्ता राज कुमार गर्ग निवासी मंडी डबवाली जिला सिरसा ने बीसीएल होम्स लिमिटेड, उसके डायरेक्टर बलदेव चंद बंसल, गोपाल बंसल, बीसीएल के अथराइज्ड रिप्रजेंटेटिव राजीव कुमार और बांबे गोयल के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने बीसीएल होम्स लिमिटेड की न्यू प्रोजेक्ट स्टूडियो अपार्टमेंट में अपार्टमेंट खरीदना चाहा। इसकी कुल कीमत 12 लाख 50 हजार रुपये थी। उन्होंने कहा कि 25 अगस्त 2011 को उन्होंने ढाई लाख रुपये जमा कराए। बाकी की राशि स्टूडियो अपार्टमेंट के पजेशन देने के बाद जमा करानी थी। डेढ़ वर्ष में पजेशन देने का वादा किया गया था। लेकिन उन्हें पजेशन नहीं दिया गया।
उपभोक्ता फोरम ने 27 फरवरी 2015 को बीसीएल होम्स लिमिटेड को निर्देश दिया था कि वह शिकायतकर्ता को ढाई लाख रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से वापस करे, साथ ही 15 हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार पांच सौ रुपये मुकदमा खर्च अदा करे। निर्देश का पालन 45 दिनों में करने को कहा था। नियत अवधि में निर्देश का पालन न करने पर 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज अदा करना होगा।