फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सारागढ़ी की लड़ाई बनेगी पाठ्यक्रम का हिस्सा, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने की घोषणा

Wed, 27 Jun 2018 09:49 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
विज्ञापन
कैप्टन अमरिंदर सिंह
विज्ञापन
सारागढ़ी की लड़ाई की यादें मंगलवार को उस समय फिर से ताजा हो गईं जब वाईपीएस स्कूल में इस संबंधी लाइट एंड साउंड शो आयोजित किया गया। पचास फीट की एलईडी स्क्रीन पर ऐसा लग रहा था कि मानो सच में युद्ध लड़ा जा रहा हो। 
विज्ञापन


इस मौके पर दिखाया गया कि महज 21 सिख जवानों ने करीब 10 हजार अफगानी लड़ाकों से मुकाबला किया और 600 को ढेर भी कर दिया। सुबह से शाम तक चली इस लड़ाई में 21 जवान भी शहीद हो गए थे। इस दौरान आखिर में वहां मौजूद लोगों की आंखों में आंसू तक आ गए। समागम में मुख्य मेहमान राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह थे। 

इस मौके पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह एक अच्छा प्रयास है। हमारी नई पीढ़ी को इस बारे में जानकारी मिलेगी। यह सिख इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में उनकी सरकार की कोशिश रहेगी कि उक्त लड़ाई को सिलेबस का हिस्सा बनाया जाए ताकि हमारी युवा अपने सिख इतिहास को जान पाए। 
विज्ञापन


यह शो एक घंटे का था। इसमें 45 कलाकारों ने मंच पर एक साथ प्रस्तुति दी। वहीं, नाटक में युद्ध करने वाले सैनिकों को पंजाबी और अफगानी लड़ाकों को उर्दू बोलते हुए दिखाया गया था। ऐसा लग ही नहीं रहा था कि यह शो चल रहा है। 

इस मौके पर बताया गया कि ब्रिटिश लोग इसे इंगलिश और हिंदी में पेश करते हैं। इस शो पर करीब नौ लाख रुपये की लागत आई। यह तीसरा मौका था जब शो आयोजित किया गया। इससे पहले यह शो पटियाला में हेरिटेज फेस्टिवल व अमृतसर वार म्यूजियम में भी दिखाया गया था। इस मौके पर आर्मी से रिटायर्ड सैनिक व अफसरों के खिलाफ आर्मी कमांडर वेस्टर्न कमांड लेफ्टिनेंट जनरल सुरिंदर सिंह, कॉर्प कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एस कलेर समेत कई कई लोग हाजिर थे।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें