पिछले नौ वर्ष से पंजाब पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती होकर नौकरी कर रहे युवक पर बुधवार को बठिंडा के थाना सिविल लाइन पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। आरोपी की पहचान सिपाही अमनदीप सिंह के तौर पर हुई है। केस दर्ज होने का पता चलते ही आरोपी तैनात स्टेशन नारकोटिक्स सेल से फरार हो गया।
पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। जानकारी के अनुसार 2012 में पंजाब पुलिस की भर्ती के दौरान अमनदीप सिंह ने भी भर्ती के लिए आवेदन किया था। अमनदीप सिंह के पिता सरदूल सिंह पंजाब में आतंकवाद के समय एसपीओ थे। आतंकवादियों ने अमनदीप के पिता को मौत के घाट उतार दिया था, उनकी शहादत को देखते हुए अमनदीप को पहल के आधार पर बतौर सिपाही भर्ती किया गया था।
आरोपी ने भर्ती में 10वीं का प्रमाणपत्र लगाया था। जांच के दौरान वह फर्जी पाया गया। कोर्ट कांप्लेक्स पुलिस चौकी के सब इंस्पेक्टर संदीप सिंह ने बताया कि मंगलवार को सिपाही अमनदीप सिंह का दसवीं कक्षा का प्रमाणपत्र पंजाब पुलिस की सेना ब्रांच ने जांच के दौरान फर्जी पाया। इसके बाद सिपाही अमनदीप सिंह के खिलाफ थाना सिविल लाइन में धोखाधड़ी का केस दर्जकर उसकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन इस बारे में किसी भी पुलिस अधिकारी की ओर से पुष्टि नहीं की गई है।
पहले भी आरोपी पर लग चुके हैं गंभीर आरोप
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी अमनदीप सिंह मौजूदा समय में नारकोटिक्स सेल में तैनात था। सूत्रों ने बताया कि आरोपी पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं और वो नशा करने का आदी था। एसएसपी भूपिंदरजीत सिंह विर्क ने तत्काल प्रभाव से आरोपी को सस्पेंड करने का आदेश जारी किया।