कोरोनावायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए हरियाणा सरकार ने प्रदेश में गुटखा और पान मसाला की बिक्री पर बैन जारी रखने का निर्णय लिया। अगले एक साल तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन हरियाणा ने सभी जिला उपायुक्तों सिविल सर्जन और जिला पुलिस अधीक्षकों को सर्कुलर जारी कर या निर्देश दिया है कि प्रदेश में इस वक्त कोरोना वायरस का खतरा बरकरार है। इसलिए विभाग ने प्रदेश में गुटखा और पान मसाला की बिक्री, पैकेजिंग और उत्पादन पर एक साल के लिए प्रतिबंध किया है। उक्त सभी प्रशासनिक अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि वह समय-समय पर अपने इलाकों में अभियान चलाकर यह सुनिश्चित करें कि हरियाणा में पान मसालों तंबाकू गुटखा इत्यादि की बिक्री व उत्पादन प्रतिबंध है।
झूठी खबरों पर कसेगी नकेल
मुख्य सचिव ने झूठी ‘फॉल्स’ खबर से जनता को दूर रखने के लिए निर्देश देते हुए कहा कि जिलों में जागरूकता गतिविधियों को तेज किया जाए और उपायुक्त के साथ-साथ जिला सूचना, जनसंपर्क अधिकारी अफवाह फैलाने वालों पर नकेल कसें और झूठी खबर फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने रिलीफ कैंपों की सफाई, वहां रहने वाले प्रवासियों, भोजन वितरित करने वाले स्वयंसेवकों और अधिकारियों की थर्मल जांच की जाए।
हरियाणा सरकार ने च्युंगम और उससे मिलते-जुलते उत्पादों को कोरोना के कारण प्रतिबंधित कर दिया है। यह प्रतिबंध 30 जून 2020 तक लागू रहेगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बुधवार शाम ये निर्देश जारी किए। विभाग के आयुक्त अशोक कुमार मीणा की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि थूकने से भी कोरोना के एक से दूसरे व्यक्ति में फैलने की संभावना है।
इसलिए च्युंगम, बबल गम व इस तरह के सभी उत्पाद तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किए जाते हैं। जनहित के मद्देनजर 30 जून तक इन उत्पादों के उत्पादन, भंडारण व बिक्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इन उत्पादों को खुले व पैकेट में बेचना गंभीर अपराध माना जाएगा। इन्हें प्रयोग भी न करें। आदेशों की उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
14 अप्रैल तक बंद रहेंगे कॉलेज, विश्विद्यालय
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने उच्चतर शिक्षा विभाग के अधीन आने वाले विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों को 14 अप्रैल 2020 तक बंद रखने का निर्णय लिया है। इस दौरान विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा दी जाएगी। सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों व महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि उनके संस्थानों के सभी कर्मचारी घर से काम करेंगे, जब भी उनकी आवश्यकता होगी तो वे फोन पर उपलब्ध रहेंगे।
संबंधित प्राधिकरण की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी कर्मचारी अपना स्टेशन नहीं छोड़ेगा। मुख्य सचिव के निर्देशानुसार सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों को अपने विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाने के लिए विषयों से संबंधित मैटेरियल ऑफिशियल वेबपोर्टल या अन्य माध्यमों से अपलोड करना होगा। इस बारे में एमआईएस लिंक पर विभाग को रिपोर्ट भेजनी होगी।