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Chandigarh News: आउटसोर्स पर भर्ती व रिप्लेसमेंट पर रोक, बिना मंजूरी नहीं लगेंगे टेंडर

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चंडीगढ़। वित्तीय संकट झेल रहे नगर निगम ने खर्च कम करने के लिए आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती पर रोक लगा दी है। साथ अगर कोई कर्मचारी छोड़कर जाता है तो उस पद पर भी नई नियुक्ति नहीं की जाएगी। यह आदेश निगम आयुक्त अमित कुमार ने सभी विभागों को जारी किए हें। इसके साथ ही उनकी मंजूरी के बिना कोई टेंडर भी नहीं लगाया जाएगा। आयुक्त का यह निर्देश काफी अहम है कि क्योंकि निगम पर पिछले काफी समय से यह आरोप लग रहे हैं कि विभिन्न विभाग, ब्रांच व विंग में बिना वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दिए बिना आउटसोर्स पर कर्मचारियों की भर्ती की जाती है। कई बार पैसे लेने के आरोप भी लगे हैं। सदन की बैठक में भी सवाल उठे हैं, लेकिन कर्मचारियों की बैकडोर एंट्री जारी थी। आयुक्त तक भी यह जानकारियां पहुंची हैं, जिसके बाद उन्होंने तत्काल आउटसोर्स पर किसी भी विभाग, ब्रांच व विंग में उनकी मंजूरी के बिना भर्ती करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। नई भर्ती के बंद होने के बाद रिप्लेसमेंट को लेकर खेल न शुरू हो जाए, इसलिए उन्होंने रिप्लेसमेंट पर भी रोक लगाई है। साथ ही वित्तीय संकट की वजह से बिना उनकी मंजूरी के कोई टेंडर भी नहीं लगाने का निर्देश दिया है। वॉर्ड नंबर 15 के पार्षद रामचंदर यादव ने सोमवार को आयुक्त अमित कुमार से मुलाकात की और उन्होंने एक शिकायत पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि धनास के कम्युनिटी सेंटर पर काफी समय से काम कर रहे कर्मचारी को एरिया के अधिकारी ने निकाल दिया और उसकी जगह अपने किसी जानकार को सुपरवाइजर लगा दिया है। यादव ने पूछा है कि किन मानदंडों या नियमों के आधार पर अधिकारी ने पुराने कर्मी को निकालकर नई भर्ती की है। उन्होंने इसकी जांच की भी मांग की है। निगम अपने नियमित कर्मचारियों से ज्यादा आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों को वेतन देने पर खर्च कर रहा है। एक अप्रैल से 30 सितंबर तक निगम ने अपने नियमित कर्मचारियों को वेतन के रूप में 145.77 करोड़ रुपये खर्चे थे, लेकिन इसी अवधि में आउटसोर्स व अन्य कर्मचारियों को वेतन देने में 147.78 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। एक पार्षद ने बताया कि निगम में स्थिति यह है कि एसडीओ-एक्सईन के कमरों के दरवाजे खोलने के लिए भी दो-दो कर्मचारी हैं। निगम की वित्तीय स्थिति पर प्रशासक गुलाबचंद कटारिया के साथ हुई बैठक में एक अधिकारी ने कहा था कि निगम ने एक पद पर तीन-तीन कर्मचारी रखे हुए हैं।
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