चंडीगढ़ प्रशासन ने शुक्रवार को ग्रीन पटाखों की मंजूरी दे दी है। इसे लेकर डीसी विनय प्रताप सिंह ने शनिवार को विस्तृत आदेश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहरवासी ऑनलाइन पटाखे नहीं मंगवा सकेंगे। दिवाली और गुरु पर्व के दिन लोग ग्रीन पटाखे जला रहे हैं या सामान्य इस पर नजर रखने की जिम्मेदारी सभी पुलिस थानों को दी गई है।
आदेश के अनुसार ग्रीन पटाखों की अनुमति है, लेकिन पटाखों की लड़ी आदि जलाने की मनाही होगी, क्योंकि उससे अधिक वायु प्रदूषण होता है। पटाखों की बिक्री लाइसेंस धारक विक्रेता ही कर सकेगा। अदालत के आदेश के तहत सिर्फ 96 पटाखा विक्रताओं को ही अस्थायी लाइसेंस जारी किए जाएंगे। किसी भी ई-कॉमर्स वेबसाइट जैसे अमेजन और फ्लिपकार्ट की तरफ से पटाखों के ऑनलाइन ऑर्डर नहीं लिए जाएंगे। पटाखों की समय सीमा समेत अन्य उल्लंघन पर संबंधित एरिया के एसएचओ की जिम्मेदारी तय की गई है। उन्हें इन आदेशों का पालन करवाना होगा। दशहरे पर पुतलों में सिर्फ ग्रीन पटाखों की ही अनुमति होगी। ये सुनिश्चित करना भी एरिया एसएचओ की ही जिम्मेदारी होगी कि पुतलों में सामान्य पटाखों का इस्तेमाल न किया जाए। पुतलों के अलावा अन्य लोगों को दशहरे पर पटाखे जलाने की अनुमति नहीं होगी।
जागरूकता अभियान चलाएगा प्रशासन
प्रशासन की ओर से पटाखे जलाने के बुरे प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा। आदेशों का उल्लंघन करने पर आईपीसी की धारा 188 और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005, एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन और एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पटाखे जलाने का समय निर्धारित
दशहरा के दिन रावण दहन के समय, दिवाली पर रात 8 से 10 बजे तक और गुरु पर्व पर सुबह 4 से 5 बजे और फिर रात में 9 से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी गई है। आने वाले दिनों में डीसी ऑफिस की तरफ से इन पटाखों को बेचने के लिए विक्रेताओं को लाइसेंस दिए जाएंगे। हालांकि इसके लिए ड्रॉ का आयोजन होगा। शहर के अलग-अलग इलाकों में पटाखों की बिक्री के लिए साइट तय किए जाएंगे, जहां से लोग ग्रीन पटाखे खरीद सकेंगे।