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आशुतोष महाराज के दाह संस्कार पर रोक

Tue, 16 Dec 2014 06:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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जालंधर के नूरमहल स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के प्रमुख आशुतोष महाराज के शव के अंतिम संस्कार पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
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हाईकोर्ट के नए एक्टिंग चीफ जस्टिस एसजे वजीफदार और जस्टिस एजी मसीह की डिवीजन बेंच ने इस मामले में तीनों पक्षों को सुनने के बाद एकल बेंच के आशुतोष महाराज के शव के संस्कार के फैसले पर रोक लगा दी। यह रोक अगली सुनवाई नौ फरवरी तक जारी रहेगी। अब इस मामले में डिवीजन बेंच ही अंतिम फैसला सुनाएगी।

जस्टिस एमएमएस बेदी की एकल बेंच ने गत एक दिसंबर को दिए फैसले में पंजाब सरकार के आशुतोष महाराज के शव का 15 दिन के भीतर प्रशासनिक अधिकारियों की कमेटी गठित कर दाह संस्कार करने के निर्देश दिए थे।
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एकल बेंच ने इस मामले में पूरी कार्रवाई की जिम्मेदारी मुख्य सचिव को सौंपने के साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मा राज्य के पुलिस प्रमुख को सौंपा था। इस फैसले पर पंजाब सरकार, आशुतोष महाराज के बेटा होने का दावा करने वाले दलीप झा एवं दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने अलग-अलग अपील दायर कर चुनौती दी थी।

सोमवार को अपील पर सुनवाई तक रोक लगाने की मांग की थी। डिवीजन बेंच ने तीनों अपीलकर्ताओं की मांग एक समान होने के कारण फिलहाल अगली सुनवाई तक एकल बेंच के फैसले पर रोक लगा दी। बेंच ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे पर ठोस फैसला लिया जाएगा।
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कोर्ट में यह कहा तीनों पक्षों के वकीलों ने

पंजाब सरकार की वकील रीता कोहली: ‘यह एक धार्मिक मामला है और हाईकोर्ट के पास धार्मिक मामलों में इस तरीके का आदेश देने का हक नहीं है। इसके अलावा किसी ने भी यह मांग नहीं की कि दाह संस्कार का जिम्मा राज्य को दिया जाए।’

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के वकील सत्यपाल जैन: ‘एकल बेंच ने दलीप झा का आशुतोष महाराज होने का दावा नकार दिया था। इसके साथ ही यह भी कहा था कि उसके पास याचिका दायर क रने का हक नहीं है। जब याचिका का हक ही नहीं रहा तो इसके आगे एकल बेंच को दाह संस्कार के बारे फैसला करने का हक नहीं था।’

दिलीप झा के वकील एसपी सोही: ‘दिलीप ने आशुतोष महाराज का बेटा होने के पुख्ता सबूत पेश किए थे। उसका बेटा होने के हक को गलत तरीके से नकारा गया है। आशुतोष महाराज के शव से डीएनए मिलान की पेशकश भी की गई थी, लेकिन एकल बेंच ने इस बारे कोई फैसला नहीं दिया।’

दिलीप झा का आरोप, सरकार उसे नहीं देना चाहती शव
मधुबनी (बिहार) निवासी दिलीप झा, जोकि आशुतोष महाराज का पुत्र होने का दावा करते हुए हाईकोर्ट से आशुतोष महाराज का शव मांग रहे हैं, ने सोमवार को पंजाब सरकार की अपील पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह सारा कुछ राजनीति से प्रेरित है।

संस्थान में वोट बैंक होने के कारण सरकार उन्हें शव नहीं सौंप रही। दिलीप ने कहा कि वह शव हासिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। दिलीप ने एक बार फिर से आशुतोष महाराज की हत्या की आशंका जताई है।
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