जकार्ता एशियन गेम्स में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतने वाले पहलवान बजरंग पूनिया ने अपने गुरु योगेश्वर दत्त से किया वादा पूरा कर दिया। बजरंग ने एशियन गेम्स में जाने से पहले ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त से कहा था कि वह 2014 में इंच्योन एशियन गेम्स में जीते चांदी के पदक को इस बार जरूर सोने में बदलकर लाऐंगे।
बजरंग पूनिया को शुरू से ही पहलवान योगेश्वर दत्त का सहयोग मिला है इसलिए बजरंग उन्हें गुरु मानते हैं। योगेश्वर दत्त ने बताया कि वह जब भी साथ रहते हैं तो अधिकतर कुश्ती को लेकर ही बात होती है। बजरंग से उम्मीद रहती है कि वह हर जगह देश का नाम रोशन करके आएगा। 2014 में इंच्योन एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीत चुके बजरंग से कहा था कि इस बार तिरंगा सबसे ऊपर होना चाहिए। बजरंग ने तब वादा किया था कि वह उनकी, देश और लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा और इस बार गोल्ड मेडल लेकर आएगा। बजरंग को योगी ने कई टिप्स दिए थे, खासकर डर को दूर कर फाइट लड़ने और मनोबल को गिरने नहीं देने की सलाह दी थी।
ओलंपिक टारगेट, वर्ल्ड चैंपियनशिप की जंग भी लड़ूंगा : बजरंग
उम्मीद थी कि गोल्ड मेडल जरूर जीतूंगा। मेडल हर उस देशवासी के लिए है, जिसने मेडल की उम्मीद रखी थी और जीत की दुआ की थी। अब वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप होगी, उसके लिए लगातार जंग जारी रहेगी। जंग यहीं रुकने वाली नहीं है, टोक्यो ओलंपिक पर नजर है। देश के लिए ओलंपिक मेडल जीतना मेरा सपना है।
- बजरंग पूनिया, जकार्ता में गोल्ड मेडल जीतने के बाद फोन पर