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बरगाड़ी बेअदबी और गोलीकांडः इंसाफ के लिए संगत को एकता का पाठ, खुद अलग थलग दिखे पंथक नेता

Mon, 14 Oct 2019 09:26 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदकोट (पंजाब)
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- फोटो : अमर उजाला
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बरगाड़ी बेअदबी मामले से जुड़ी बहिबल कलां और कोटकपूरा की घटनाओं के चार साल पूरे होने पर सोमवार को पंथक जत्थेबंदियों की तरफ से कोटकपूरा, बरगाड़ी और गांव बहिबल कलां में अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सभी कार्यक्रमों में इन घटनाओं के लिए तत्कालीन अकाली सरकार की निंदा की गई और इंसाफ में नाकाम रहने के लिए वर्तमान कांग्रेस सरकार को कोसा गया। 

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साथ ही बरगाड़ी बेअदबी और गोलीकांड की घटनाओं में इंसाफ के लिए सिख संगत को एकजुटता दिखाने का आह्वान करते हुए श्री गुरु नानक देव के 550वें समागम के बाद नए सिरे से संघर्ष शुरू करने की घोषणा की गई। बेअदबी व गोलीकांड की घटनाओं को लेकर दरबार-ए-खालसा की अगुवाई में जुटे सिख श्रद्धालुओं द्वारा कोटकपूरा के लाइटों वाले चौक में एकत्रित होकर 14 अक्तूबर 2015 की तरह ही सुबह ठीक पांच बजे नितनेम किया गया। 

इस दौरान सिंह साहिब ज्ञानी केवल सिंह, हौंद चिल्लड़ के कत्लेआम को सामने लाने वाले मनविंदर सिंह ग्यासपुरा, पंजाब एकता पार्टी के जगदेव सिंह कमालू, शिरोमणि अकाली दल टकसाली के मक्खन सिंह नंगल, गुरदीप सिंह बाजवा, सुखविंदर सिंह बब्ब, हरपिंदर सिंह बराड़ की उपस्थिति में दरबार-ए-खालसा के मुखी भाई हरजिंदर सिंह माझी द्वारा नितनेम के बाद लाहनत पत्र का सार दोहराते हुए पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को गद्दार-ए-कौम कहा गया। 

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उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधते हुए उन पर इस मुद्दे को मात्र सियासी लाभ के तौर पर प्रयोग में लाने के आरोप लगाए। इस दौरान कोटकपूरा से आप विधायक कुलतार सिंह संधवा ने भी सत्ताधारी पक्ष के प्रति आक्रोश व्यक्त किया।

इसी तरह गांव बहिबल कलां में गोलीकांड वाले स्थल से सटे गुरुद्वारा टिब्बी में सरबत खालसा द्वारा मनोनीत श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार भाई ध्यान सिंह मंड, शिअद अमृतसर के प्रधान सिमरनजीत सिंह मान, भाई गुरदीप सिंह बठिंडा की अगुवाई में श्रद्धांजलि समागम आयोजित किया गया।

इस मौके पर गोलीकांड में मारे गए भाई किशन भगवान सिंह और भाई गुरजीत सिंह को श्रद्धांजलि दी गई और घटनास्थल के पास अरदास की गई। इस मौके पर सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि चार साल बीत जाने पर भी सिख कौम को इंसाफ नहीं मिला।

इंसाफ मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने 550वें प्रकाश पर्व पर पंथक जत्थेबंदियों की अगुवाई में अलग स्टेज लगाने का एलान किया और श्री ननकाना साहिब के दर्शन बिना पासपोर्ट व वीजा के करने की इजाजत देने की मांग रखी गई। 
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बरगाड़ी के खेल स्टेडियम में पंथक नेता भाई बलजीत सिंह दादूवाल व विधायक सुखपाल सिंह खैरा की अगुवाई में बहिबल गोलीकांड के शहीदों की चौथी बरसी पर श्रद्धांजलि समागम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य भर से विभिन्न धार्मिक व राजनीतिक जत्थेबंदियों के नेताओं ने हिस्सा लिया और सभी ने एक स्वर से घटना के समय की अकाली सरकार व बादल परिवार को आड़े हाथों लिया। 

साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार पर भी इंसाफ दिलाने में नाकाम रहने के आरोप लगाए। इस मौके पर शहीद किशन भगवान सिंह के बेटे सुखराज सिंह, शहीद गुरजीत सिंह के पिता साधु सिंह समेत कोटकपूरा गोलीकांड मामले के मुख्य गवाह अजीत सिंह, मल्लके बेअदबी मामले के गवाह रणजीत सिंह का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में पंजाबी मां बोली सत्कार कमेटी के लक्खा सिधाना, नवजोत कौर लंबी, कंवरपाल सिंह, हरपाल सिंह चीमा, जसबीर सिंह गढ़ी, कुलविंदर सिंह हरीएवाला, मक्खन सिंह नंगल, जसविंदर सिंह लोपोके, जगदेव सिंह कमालो और बीबी खालड़ा ने विचार रखे। 

वहीं गांव सरावां में गोलीकांड के शहीद गुरजीत सिंह के परिवार द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि समागम में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार व विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों ने हिस्सा लिया।

उन्होंने कहा कि पिछली अकाली सरकार ने बहिबलकलां गोलीकांड मामले में अज्ञात पुलिस पार्टी पर केस दर्ज किया था लेकिन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने गोलीकांड के आरोपी पुलिस अधिकारियों को केस में नामजद करके उन्हें सजा दिलवाने के लिए कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। 
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