यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद कामरान और डिपार्टमेंट ऑफ पाकिस्तान स्टडी की चेयरपर्सन डॉक्टर रुबीना यासमीन ने 27 अक्तूबर को पूरी दुनिया में ब्लैक डे व आईडियोलॉजी ऑफ कश्मीर के नाम पर युवाओं को बरगलाने व कश्मीर घाटी में खतरनाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक इसी सेमिनार हाल से जम्मू-कश्मीर के युवाओं को अपना हथियार बनाने के लिए ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस और यूथ फोरम फॉर कश्मीर जैसे प्रतिबंधित संगठनों को भारत में अस्थिरता फैलाने का जिम्मा दिया गया। हालांकि केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों की सक्रियता से पाकिस्तान अपने नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं हुआ।
अमर उजाला के पास कश्मीर घाटी से लेकर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भारत के खिलाफ रची जाने वाली पाकिस्तानी साजिश के दस्तावेज मौजूद हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने ब्लैक डे मनाने के नाम पर समूची दुनिया में भारत के खिलाफ बड़ी साजिश रचनी शुरू की। इसके लिए उसने राजधानी इस्लामाबाद समेत लाहौर, कराची, पेशावर से आतंकी हैंडलरों के माध्यम से स्लीपर सेल को सक्रिय करना शुरू कर दिया। पीओके से लेकर जम्मू-कश्मीर तक में प्रतिबंधित संगठनों को पैसा देकर अलगाववादियों को इसका टास्क दिया जाने लगा। इन साजिशों के लिए इस्लामिया यूनिवर्सिटी को केंद्र के तौर पर चुना गया।
अस्थिरता के लिए स्लीपर सेल को किया सक्रिय
पाकिस्तान ने ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस और यूथ फोरम फॉर कश्मीर जैसे प्रतिबंधित संगठनों को भारत में अस्थिरता फैलाने के लिए अपने स्लीपर सेल को सक्रिय कर दिया था। इसके लिए बहावलपुर में 20 तारीख को हुई बैठक के बाद 21 को पीओके के मुजफ्फराबाद में भी अहम बैठक की गई। मुजफ्फराबाद से ही घाटी के कुछ हिस्सों में 27 अक्तूबर के लिए पोस्टर वॉर और कुछ बड़ी घटनाओं को अंजाम देने के लिए स्लीपर सेल को सक्रिय किया गया। भारतीय सेना से रिटायर्ड ब्रिगेडियर कुलवंत सिंह कहते हैं कि पाकिस्तान हर बार ऐसी हरकतें कर घाटी को अस्थिर करने का प्रयास करता है।
ब्लैक डे के मंसूबों पर फिरा पानी
यही नहीं भारत के खिलाफ साजिश के लिए पाकिस्तान ने दुनिया के अलग-अलग मुल्कों की पाकिस्तान एंबेसी में ब्लैक डे मनाने के लिए कूटनीतिक साजिश भी रची। कई देशों में पाकिस्तान ने वहां के बड़े डिप्लोमेट्स को भी इन कार्यक्रमों में बुलाने के लिए योजनाएं बनाई थी। लेकिन भारत के खिलाफ साजिश को देखते हुए अधिकतर देशों में उन मुल्कों के डिप्लोमेट्स नहीं पहुंचे और पाकिस्तान के मंसूबों पर पानी फिर गया।
भारत के खिलाफ तैयार किए 11 हैशटैग
ब्लैक डे के नाम पर जम्मू कश्मीर में युवाओं को भड़काने के लिए बाकायदा सोशल मीडिया का सहारा लेने की साजिश रची गई। इसके अलावा कुछ अलगाववादी संगठनों को वित्तीय मदद के साथ बैनर और पोस्टर लगाने का खाका खींचा गया। पाकिस्तान ने योजना बनाई कि घाटी के युवाओं को भड़काकर किसी बड़ी खतरनाक घटना को अंजाम दिया जाएगा। इसके लिए सोशल मीडिया के लिए ट्रेनिंग भी इस्लामिया यूनिवर्सिटी में दी गई। पाकिस्तान के आईटी विशेषज्ञों को भी सेमिनार में बुलाया गया। इस दौरान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारी भी थे। इस बैठक में 11 हैशटैग तैयार किए गए, जो भारत के खिलाफ थे। इस दौरान 959 नए सोशल मीडिया अकाउंट और 1046 बॉट अकाउंट्स तैयार किए गए, ताकि दुष्प्रचार किया जा सके, लेकिन भारतीय खुफिया एजेंसियों की सक्रियता से इसे नाकाम कर दिया गया।