प्रदेश के सहकारी बैंक स्टाफ की कमी की वजह से बंद होने के कगार पर हैं और सरकार ने नियुक्तियों पर भी पाबंदी लगाई हुई है।
सूत्रों के अनुसार प्रदेश के कईं सहकारी बैंकों को खाली पदों की 50 प्रतिशत नियुक्तियां करने की सहमति भेजी थी, लेकिन नियुक्ति कार्यक्रम के दौरान ही रजिस्ट्रार सहकारी समितियां के कार्यालय से एकपत्र द्वारा पूरा कार्यक्रम रोक दिया गया।
जानकारी के अनुसार सहकारी बैंकों में चौटाला सरकार के बाद आज तक कोई भी नियुक्ति नहीं हुई और लगातार हो रही सेवानिवृतियों के कारण बैंक खाली हो रहे हैं, जिस कारण बैंकों की रिकवरी के साथ-साथ ऋण देने की कार्यप्रणाली पर भी दुष्प्रभाव पड रहा है।
इससे अधिकतर बैंक मोटे घाटे का सामना कर रहे हैं। पंचकूला केन्द्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन राकेश छाबडा व निदेशक कुलदीप अग्रवाल ने बताया कि बैंक में स्टाफ की कमी के कारण पंचकूला की कईं शाखाएं तो बंद होने के कगार पर हैं।
114 रिक्त पदों के एवज में मात्र 32 सदस्य ही बैंक में तैनात हैं और आने वाले महीनों में कईं कर्मचारी सेवानिवृत हो रहे हैं।
उन्होंने बताया स्टाफ की नियुक्ति करने के लिए बोर्ड में प्रस्ताव पास करके कई बार सरकार के पास भी भेज दिया गया है, लेकिन अभी तक सरकार ने कोई भी स्वीकृति नहीं दी है।