जानकारी के मुताबिक, पकड़े गए सभी आरोपी ज्यादा अमीर परिवारों से नहीं हैं। कोई टैक्सी चलाकर तो कोई सिक्योरिटी गार्ड बनकर परिवार पाल रहा था। कुछ लोग खेती से जुड़े थे। एक आरोपी फार्मा कंपनी में काम कर चुका है। पकड़े गए सभी आरोपियों की उम्र बीस से तीस साल के बीच बताई जा रही है।
ऐसे जगी बदला लेने की भावना
पकड़े गए सभी लोग धार्मिक प्रवृति के थे। इनमें से एक ने अमृतपान किया हुआ है। ऐसे में यह लोग बेअदबी से काफी आहत हो गए थे। बेअदबी मोर्चे में जब यह लोग शामिल हुए तो वहां समागमों में संबोधित करने वाले वक्ताओं के उग्र विचारों से काफी प्रभावित हुए। वहीं से उन्होंने बदला लेने की ठान ली।
ऐसे मिले थे तिहाड जेल में हवारा से
जानकारी के मुताबिक, स्पेशल सेल द्वारा पकड़ा गया एक आरोपी गुरप्रीत सिंह तिहाड़ जेल में जगतार सिंह हवारा से मिला था। जनवरी 2018 से मार्च 2018 तक वह इस जेल में रहा था। यहां हवारा ने अपने एक करीबी का नंबर दिया था, जिसके बाद वह उसके टच में था।
पुलिस सूत्रों की मानें तो परमजीत सिंह पम्मा का नाम भी इस केस में आ रहा है। वह आरोपियों को फंडिंग करने में सहयोग करता रहा है। इस समय वह पुर्तगाल में है। पता चला है कि पैसे आरोपियों के बैंक खाते में नहीं आए थे। न ही ट्रांसफर हुए थे, बल्कि हवाला के अन्य रूट अपनाए गए, जिसमें नकद पेमेंट की गई।
भिंडरांवाले की ड्रेस में थे आरोपी
जानकारी के मुताबिक, सभी आरोपी भिंडरांवाले से प्रभावित थे। उन्होंने जो वस्त्र पहने हुए थे, उन पर भिंडरांवाले की तस्वीरें थीं। अब आरोपी चार दिन के पुलिस रिमांड पर हैं। पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है।
अक्तूबर 2015 में हुई थी बेअदबी
12 अक्तूबर 2015 में फरीदकोट के बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी का मामला सामने आया था। इसके विरोध में हुए प्रदर्शन में पुलिस फायरिंग में दो सिख नौजवान मारे गए थे। इसके बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई थी।