कांग्रेस द्वारा आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी को लेकर सुषमा स्वराज पर उठ रहे सवालों पर बाबा रामदेव पहली बार बोले। चंडीगढ़ में सुषमा स्वराज के इस्तीफे की मांग को लेकर सवाल का जवाब देते हुए योगगुरु ने कहा कि वे सुषमा स्वराज को बीस साल से जानते हैं। उनका जीवन सरल रहा है। उन्हें इस मामले में सुषमा की मंशा पर संदेह नहीं है, लेकिन ललित मोदी की मंशा पर संदेह है। चूंकि ललित मोदी संदेह के घेरे में है, इसीलिए ऐसे प्रश्न उठ रहे हैं।
मैंने युद्ध तो नहीं करवाया
बाबा रामदेव कहा कि जब से सृष्टि बनी है योगियों का राजनीति से नाता रहा है। उन्होंने विश्वामित्र, भगवान कृष्ण, चाणक्य का उदाहरण देते हुए कहा कि चाणक्य ने तो युद्ध तक करवा दिया था, मैंने कोई युद्ध तो नहीं करवाया। रामदेव ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने राजनीतिक विकल्प की बात उठाई थी, लेकिन विकल्प के स्वरूप के बारे में पत्ते नहीं खोले थे। इसीलिए मोदी को खुलकर समर्थन दिया था।
काला धन लौटने पर ही होगा भरोसा
बाबा रामदेव ने काला धन पर अपनी मुहिम के बारे में स्वीकार किया कि नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद उन्होंने बयानबाजी कम कर दी है। इसके साथ ही बाबा ने यह भी कहा कि वे मानते हैं कि काला धन अभी तक लाया नहीं जा सका है। लोगों को तभी भरोसा होगा, जब तक काला धन भारत लौटेगा। इस मामले में सिर्फ बयानबाजी से कुछ नहीं होगा। अब तक काला धन आ जाना चाहिए था। रामदेव ने मोदी सरकार और खट्टर सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि यह मानना होगा कि एक साल में कोई बड़ा घोटाला नहीं हुआ है।
दो माह में बाजार में आएगी पतंजलि की नूडल
योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि अगले एक-दो महीने के भीतर ही पंतजलि योगपीठ की ओर से मैगी के मुकाबले विशुद्ध देसी नूडल बाजार में उतार दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि देशभर में बच्चों को नेस्ले की मैगी का विकल्प देने के लिए यह फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि पतंजलि की ओर से तैयार किया जाने वाला यह उत्पाद गाय के दूध से निर्मित देसी घी से बना होगा।
दावा किया कि यह बच्चों व बड़ों सभी की सेहत के लिए लाभदायक होगा। बाबा रामदेव मंगलवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मैगी पर प्रतिबंध लगने के बाद आम लोगों द्वारा ही पतंजलि से ऐसे उत्पाद की बार-बार मांग की जा रही थी।
उन्होंने कहा कि विदेशी कंपनियां कोल्ड ड्रिंक और बोर्नवीटा जैसे जो उत्पाद भारत में बेच रही हैं, वह सेहत के लिए हानिकारक हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी उत्पादों को स्वेदेशी से टक्कर देने के लिए पतंजलि ने स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद भारतवासियों को उपलब्ध कराने का फैसला किया है। कहा कि उन्होंने बोर्नवीटा के मुकाबले में पॉवरवीटा भी तैयार किया है।
बोले, व्यापार नहीं उपकार में लगी है पतंजलि
योगगुरु बाबा रामदेव ने उन आरोपों को खारिज किया है, जिसमें उन पर पतजंलि योगपीठ के जरिए व्यापार का साम्राज्य खड़ा करने की बात कही जाती है। चंडीगढ़ प्रेस क्लब में मंगलवार को पत्रकारों के बातचीत में योग गुरु ने कहा कि पतंजलि का स्वामीत्व किसी के नाम नहीं है। वे पतंजलि के जरिए व्यापार नहीं बल्कि उपकार के काम में लगे हैं।
इस बीच योगगुरु ने अपने पांव से खड़ाऊं निकाल लीं। पत्रकारों को दिखाते हुए बोले- मेरे पास वही खड़ाऊं हैं, जिन पर अब कोई सोना-चांदी नहीं लगाया है। वहीं ड्रैस है, इसमें भी कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। मैं आज भी जमीन पर सोता हूं और मेरा कोई बैंक खाता भी नहीं है। रामदेव ने कहा कि उनके पास ब्लैक मनी तो क्या व्हाइट मनी भी नहीं है। एक हजार एकड़ में बनी योगपीठ उनका पैतृक साम्राज्य नहीं है।
...तो कांग्रेस जिंदा ही गढ़वा देती
बाबा रामदेव ने कहा कि ट्रस्ट का हर साल आडिट होता है। चूंकि ट्रस्ट के अंतर्गत कानूनन फूड पार्क नहीं बनाया जा सकता था, इसीलिए कंपनी का सृजन करना पड़ा। कंपनी बनाने के लिए ट्रस्ट ने बाजार से 500 करोड़ रुपये कर्ज भी लिए थे, जिसे अब चुका दिया गया है। अगर पतंजलि योगपीठ में कोई धांधली की बात सामने आती तो कांग्रेस तो उन्हें जिंदा ही गढ़वा देती।