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हाईकोर्ट का आदेश, बीए-एलएलबी आवेदकों को नहीं मिलेंगे लीगल स्टडीज पढ़ने के चार अंक

Tue, 05 Jan 2021 11:01 AM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ - फोटो : फाइल फोटो
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चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी के बीए-एलएलबी पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए बारहवीं में लीगल स्टडीज विषय पढ़ने वाले आवेदकों को अतिरिक्त चार अंक नहीं देने के निर्णय पर मुहर लग गई है। हाईकोर्ट ने पंजाब यूनिवर्सिटी के निर्णय के खिलाफ दाखिल सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए यह आदेश जारी किया है। 

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खंडपीठ के इस फैसले से पीयू के बीए-एलएलबी कोर्स में दाखिले का रास्ता साफ हो गया है। पहले हाईकोर्ट ने इन कोर्स के दाखिले पर रोक लगाई थी। पीयू के 5 वर्षीय विधि पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए बारहवीं में लीगल स्टडीज विषय को पढ़ने वाले छात्रों को 4 अतिरिक्त अंक नहीं दिए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। 

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मोहाली निवासी एक छात्र आदित्य प्रताप सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया था कि पीयू इस कोर्स में दाखिले के लिए पहले उन छात्रों को 4 अतिरिक्त अंक दे रहा था जिन्होंने बारहवीं में लीगल स्टडीज का विषय पढ़ा हो। इसके खिलाफ एक छात्र ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। इसके बाद पीयू ने बारहवीं में लीगल स्टडीज के विषय को पढ़ने वाले छात्रों को 4 अतिरिक्त अंक नहीं दिए जाने का निर्णय कर लिया। 
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इस निर्णय के खिलाफ लगातार हाईकोर्ट में कई छात्रों ने याचिकाएं दायर कर दी थीं। याचिका दायर करने वालों ने कहा था कि पीयू के इस निर्णय से उन्हें काफी नुकसान हुआ है। पहले उनका रैंक बेहतर था, लेकिन पीयू द्वारा 4 अंक वापस लेने के चलते अब उनकी मेरिट कम हो गई है। पीयू के इस कोर्स में सामान्य वर्ग की सिर्फ 90 सीटें हैं। पीयू बार-बार इस कोर्स में दाखिले की शर्तों में बदलाव कर रही है, जो पूरी तरह से गलत है। 

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