चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में भर्ती पंजाब के मानसा जिला निवासी एक मरीज काे आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद इलाज पर पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। कारण, उस मरीज के कार्ड का उसकी शादी से पहले का बना होना है। ऐसे में उसके पति का नाम न आने पर उसके कार्ड को गलत ठहराकर उसे योजना से वंचित रखा गया है। मरीज के परिजन परेशान हैं क्योंकि उनकी जेब में कार्ड होने के बावजूद वे हजारों रुपये खर्च कर चुके हैं। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि फर्जीवाड़े की आशंका के कारण उसे योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। पंजाब निवासी गुरप्रीत कौर 13 जुलाई से अस्पताल में भर्ती है। उसे कुछ दिनों तक आईसीयू में भर्ती रखने के बाद वार्ड में शिफ्ट किया गया था लेकिन हालत बिगड़ने पर दोबारा आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा है। गुरप्रीत के पति हरप्रीत सिंह ने बताया कि वे किसान है। उनका राशन कार्ड नहीं बनता। उन्हें फार्म जे जारी किया जाता है लेकिन अस्पताल प्रशासन उसे नहीं मान रहा। जिस राशन कार्ड पर पत्नी का नाम है, वह उसके मायके का है। ऐसे में उसे योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इलाज पर अब तक 30 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं।