चंडीगढ़। शहर में एक ओर जहां मोबाइल और पर्स स्नेचिंग के लिए चाकू तक चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एक ऑटो चालक ने ऑटो में छूटे पर्स को महिला को लौटाकर ईमानदारी का परिचय दिया है। संदीप कुमार नामक ऑटो चालक ने सेक्टर- 29 की एक महिला के घर जाकर यह पर्स सौंपा। इसमें सोने के गहने, जरूरी दस्तावेज और लगभग 3000 हजार रुपये थे। पर्स मिलने पर महिला ने ऑटो चालक का आभार जताते हुए उसकी तारीफ की। संदीप ने बताया कि इससे पहले भी वह ऑटो में छूटे सामान को लौटा चुका है। संदीप ने कहा कि उसके मन में कभी भी यह सब सामान देख बेईमानी नहीं आई और लोगों को उनका ऑटो में छूट गया सामान लौटा कर उसे खुशी महसूस होती है। संदीप ने बताया कि बीते शुक्रवार शाम को सेक्टर- 19 से महिला को सेक्टर 29 में ड्रॉप किया था। जब महिला को छोड़कर संदीप सेक्टर- 19 स्टैंड के पास लाइट प्वाइंट पर पहुंचा तो उसने महिला पर्स पड़ा देखा। इसे खोलने पर इसमें तीन हजार रुपये, सोने की अंगूठी, बालियां तथा चार आधार कार्ड एवं दो पैन कार्ड थे। संदीप ने तुरंत आधार कार्ड पर महिला का पता देखा और लगभग 15 से 20 मिनट में घर जाकर यह सामान लौटा दिया। मोहाली जिले में झामपुर में रहने वाला संदीप पिछले छह साल से ऑटो चला रहा है। चंडीगढ़ ऑटो यूनियन के प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि संदीप की ही तरह एक अन्य दिव्यांग ऑटो चालक है ने भी मनीमाजरा में सवारी के ऑटो में छूटे सात हजार रुपये और गहने लौटाए थे। इस ईमानदारी के लिए मौलीजागरां थाने के तत्कालीन प्रभारी ने उन्हें सम्मानित भी किया था। ऑटो चालक ने करीब एक सप्ताह सवारी का पता लगाया था।