सीएम बादल हाउस के बाहर बेरोजगारी से परेशान गुरप्रीत कौर के खुद को आग लगाने के मामले ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। जहां एक ओर विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को चारों तरफ से घेरने की कोशिश में है, वहीं शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने इसे संवेदनशील मामला कहते हुए कांग्रेस को संयम रखने की सलाह दी है।
शनिवार को पीपीसीसी अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सेक्टर-16 अस्पताल जाकर गुरप्रीत का हालचाल पूछा। इस मौके पर बाजवा ने कहा कि बादल सरकार इतनी निर्दयी बन चुकी है कि उसने लोगों की समस्याओं का जवाब तक देना बंद कर दिया है। गुरप्रीत का मामला राज्य में बेरोजगारी की गंभीर स्थिति को पेश करता है। यह सरकार अपने वादे पूरे करने में असफल रही है।
उधर, शिअद नेता महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल और डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस को राजनीति से बाज आना चाहिए। यह गंभीर मामला है और सरकार युवाओं के रोजगार के लिए लगातार प्रयासरत है। कांग्रेस और अन्य पार्टियों को पंजाब की जनता नकार चुकी है। अब इनके नेता ओछी राजनीति पर उतर आए हैं इसीलिए वे गुरप्रीत की दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर भी राजनीति कर रहे हैं।