थाना लक्खोके बहराम में बुलाकर दोनों पक्षों के बीच राजीनामा करवा रही महिला सब इंस्पेक्टर को मां-बेटी ने पीटा और उसकी वर्दी फाड़ दी। हेल्पलाइन 112 पर दर्ज शिकायत के चलते सब इंस्पेक्टर ने दोनों पक्षों में राजीनामा करवाने के लिए थाने बुलाया था। थाना लक्खोके बहराम पुलिस ने मंगलवार को महिला सब इंस्पेक्टर के बयान पर आरोपी मां-बेटी के खिलाफ मामला दर्जकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
महिला सबइंस्पेक्टर जोगिंदर कौर ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि हेल्पलाइन-112 के जरिये रणदीप कौर ने तारा सिंह के खिलाफ एक शिकायत दर्ज करवाई थी। इसी संबंधी दोनों पक्षों को थाना लक्खोके बहराम बुलाया था। दोनों पक्षों की बात सुनी जा रही थी कि आरोपी रणदीप कौर और रणदीप कौर की मां सुखपाल कौर निवासी बाबा जीवन सिंह नगर उत्तेजित हो गई। मां-बेटी दूसरे पक्ष के लोगों पर हमला करने लगी।
महिला सब इंस्पेक्टर ने रणदीप कौर को पकड़ने का प्रयास किया। इस पर सुखपाल कौर ने सब इंस्पेक्टर जोगिंदर कौर का हाथ पकड़ लिए और दोनों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। यही नहीं मां-बेटी ने उनकी वर्दी फाड़ दी और नेम प्लेट तक उखाड़ दी। सब इंस्पेक्टर पर हमले के बाद थाने में अफरा-तफरी मच गई।
दोनों मां-बेटी को पुलिस ने काबू किया और दोनों के खिलाफ मामला दर्जकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। मामले की तफ्तीश कर रहे एसआई अमरजीत कौर के मुताबिक आरोपी मां-बेटी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दोनों गिरफ्तार है। उक्त मामले की बारीकी से जांच की जाएगी।
लुधियाना। औद्योगिक नगरी में राशन नहीं मिलने पर मंगलवार दोपहर प्रवासी मजदूरों का आक्रोश फूट पड़ा और दोपहर करीब 12 बजे उन्होंने बस्ती जोधेवाल के पास लुधियाना दिल्ली रोड पर चक्का जाम कर दिया। सभी मजदूरों की एक ही शिकायत थी कि उन्हें राशन नहीं मिल रहा है और सरकार उनके घर जाने की व्यवस्था नहीं कर रही है। कुछ प्रवासियों का कहना था कि उन्होंने ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन भी करवाया है, लेकिन उनकी बारी कब आएगी।
इस बारे में कोई कुछ बताने के लिए तैयार नहीं है। प्रवासियों के नेशनल हाईवे जाम करने की खबर लगते पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। पहले तो प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया गया। जब कोई बात नहीं बनी तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर सभी को खदेड़ दिया। बता दें कि कुछ दिन पहले भी ढंढारी में प्रवासी इसी तरह सड़क पर उतर आए थे। वहां पर उन्होंने पत्थरबाजी करते एक बस को भी तोड़ दिया था।
सभी प्रवासियों का यही कहना था कि उन्हें पंजाब सरकार की तरफ से भेजा जा रहा कोई राशन नहीं मिल रहा है। लॉकडाउन के चलते उन्हें मजदूरी तक नहीं मिल रही है, बीते 50 दिन से वह किसी तरह गुजारा कर रहे है। लेकिन अब उनके पास खाने के लिए अनाज नहीं है, कुछ खरीद ले इसके लिए पैसा नहीं है। ऐसे में अब भूखे मरने की नौबत आ चुकी है।