पठानकोट के एक गांव में कुछ लोगों ने सो रहे परिवार पर हमला कर दिया। आरोपी खिलौना पिस्तौल दिखाकर उनकी बेटी को अगवाकर ले गए। हमले में परिवार के दो सदस्य घायल हो गए। थाना सदर पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्जकर लिया है। परिवार का आरोप है कि उक्त लोगों के साथ उनका कोर्ट में केस चल रहा है और राजीनामा करने के लिए उक्त लोग दबाव बना रहे थे। लड़की का परिवार सहमत न हुआ तो उन्होंने हमला कर दिया।
लड़की के पिता ने बताया कि पिछले साल अप्रैल में गांव डीडां सासियां निवासी शेर अली, शामू, गुलाम हुसैन और गांव जंगला भवानी निवासी हाशिमद्दीन, शमीर और अली ने उनकी दो बेटियों को किडनैप कर लिया। एक लड़की को वह डमटाल में छोड़ गए जबकि दूसरी बेटी को चंडीगढ़ ले गए। वहां उन्होंने कमरे में मौलवी बुलाकर जबरदस्ती शेर अली से निकाह करवाया और फिर शेर अली ने कई दिनों तक शारीरिक शोषण किया।
पुलिस को शिकायत पर तीन महीने बाद उक्त लोगों पर अपहरण, दुष्कर्म, धोखाधड़ी, साजिश रचने समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया। अब मामला कोर्ट में है और उक्त लोग राजीनामे का दबाव बना रहे थे। कई बार जान से मार देने की धमकियां दीं। अब बुधवार रात सवा 12 बजे उक्त लोग अन्य छह अज्ञात लोगों के साथ आए और दराट से हमलाकर दिया। उन पर दराट से वार किया गया और परिवार पर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं।
उन्होंने पिस्तौल दिखाकर बेटी को जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बैठा लिया। शोर शराबा सुन गांव के लोग इकट्ठा हुए तो उक्त लोग बेटी को लेकर फरार हो गए। उनका एक साथी पकड़ा गया। उसे लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया। गुरुवार को गांव के लोग इकट्ठा हुए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए रोष प्रदर्शन किया।
खिलौना पिस्तौल से डराकर किया अपहरण
थाना सदर एसएचओ बलविंद कुमार ने बताया कि परिवार के बयान और पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के आधार पर 10 लोगों को नामजद किया गया है। पकड़े गए आरोपी से मिली पिस्तौल नकली थी। हमलावरों ने खिलौना पिस्तौल का इस्तेमाल किया। जांच जारी है, जल्द ही लड़की को बरामद कर लिया जाएगा। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।