शहर के अधिकतर एटीएम सोमवार को रहे बंद
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1000 और पांच सौ के नोट बंद होने के बाद भले ही सरकार ने एटीएम से रोजाना 2500 रुपये निकालने की अनुमति दे दी हो, लेकिन अभी तक एटीएम में कैश ही नहीं पहुंचा है। अधिकतर एटीएम बंद पड़े हैं। जहां कहीं पैसे निकल रहे हैं वहां लोगों को घंटों लाइनों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे आम आदमी की कमर टूट गई है। अपने ही पैसे लेने के लिए लोगों को कामकाज से छुट्टी तक करनी पड़ रही है। इससे लोगों में गुस्सा है। एटीएम में पैसे खत्म होने पर किसी को खाली जाना पड़ता है तो उसकी हालत देखते ही बनती थी।
बेटे की गोलक के पैसे से खरीदी दवा
फेज-2 निवासी अभिषेक पराशर ने बताया कि घर के मंदिर, बच्चे की गोलक में जो छोटे नोटों की सेविंग थी। अब वह पूरी तरह खत्म हो चुकी है। उन्होंने बताया कि बेटा बीमार है। मुश्किल से बेटे के टेस्ट के 780 रुपये भरे है। उन्होंने बताया कि कैमिस्ट व डॉक्टर किसी भी तरह का उधार नहीं दे रहे है। जबकि करियाना और दूध वाला तो सुनवाई कर भी रहे हैं।
पूरे शहर का चक्कर लगाया नहीं मिले पैसे
फेज-4 निवासी जगदीप सिंह ने बताया कि वह एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। सोमवार को घर में पैसे खत्म हो गए थे। इसके बाद उन्होंने बाइक पर पूरे शहर का चक्कर लगाया। लेेकिन उन्हें कहीं पैसे नहीं मिले। इस बीच फेज-11 में उनकी बाइक का तेल खत्म हो गया। इसके बाद वह फेज-9 तो धक्का मारकर उसे लाए है।