एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि शहर में कर्फ्यू का सख्ती से पालन हो रहा है। प्रशासन का ध्यान मुख्य तौर पर वरिष्ठ नागरिकों, अनाथ और ओल्ड एज होम पर है। वहां हर तरह की सहायता पहुंचाई जा रही है। वित्त सचिव एके सिन्हा ने बताया कि किसी भी कर्मचारी की तनख्वाह न रुके, इसके लिए पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। लेबर डिपार्टमेंट शहर के इंडस्ट्रीज एसोसिएशन व अन्य के संपर्क में है, ताकि किसी भी कर्मचारी को समस्या न आए।
ड्रोन से हुई सामाजिक दूरी की निगरानी
चंडीगढ़ के डीजीपी संजय बेनीवाल ने बताया कि शहर में कानून-व्यवस्था नियंत्रण में है। कर्फ्यू तोड़कर बाहर घूमने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। शनिवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में सीटीयू की बसों और सेक्टरों की अन्य दुकानों की ड्रोन से निगरानी की गई। यह भी देखा गया कि दुकानों और सीटीयू की बसों के बाहर लगी भीड़ सामाजिक दूरी का पालन कर रही है या नहीं। जहां भी नियम टूटते दिखे, वहां पर तुरंत टीम भेजकर लोगों को अलग-अलग होने के निर्देश जारी किए गए।
खाने की कोई कमी नहीं : डीसी
डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि प्रशासक के आह्वान पर शहरवासियों ने एक करोड़ 4 लाख 66 हजार 574 रुपये दान किए हैं। उन्होंने कहा कि शहर के विभिन्न हिस्सों में पैक्ड फूड पहुंचाए जा रहे हैं। खाने की कोई कमी नहीं है। शनिवार को भी 52 हजार से ज्यादा पैक्ड फूड जरूरतमंदों के बीच बांटे गए हैं।
नगर निगम के कमिश्नर केके यादव ने बताया कि कोरोना वायरस से मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए पीजीआई के साथ गठजोड़ किया गया है। शव को रेडक्रॉस की गाड़ी क्रिमिएशन ग्राउंड तक लेकर आएगी, यहां दिशा-निर्देशों के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस बैठक में एडवाइजर मनोज परिदा, स्वास्थ्य एवं गृह सचिव अरुण कुमार गुप्ता, वित्त सचिव अजॉय कुमार सिन्हा, डीजीपी संजय बेनीवाल, नगर निगम के कमिश्नर केके यादव, डीसी मनदीप सिंह बराड़ व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।