हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र इस बार भी हंगामेदार होने के आसार हैं। शुरुआती एक साल में अपनी कार्यकुशलता के साथ सरकार ने सदन को हंगामे से बचाए रखा, लेकिन इस बार विपक्ष की तैयारी पूरी है। रियो ओलंपिक सहित अन्य कई मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार पर खिलाड़ियों को हतोत्साहित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में बने स्टेडियम का कोई रखरखाव नहीं है। हमने जो खेल नीति बनाई, उसमें संशोधन के नाम पर देरी से लागू किया गया। खिलाड़ियों के लिए सरकार माहौल देने में नाकामयाब रही है। पिछले दिनों हुए केसरी दंगल के विजेता मौसम खत्री को काफी शोर मचाने के बाद अब ईनाम की राशि दी गई। साक्षी मलिक के मेडल जीतते ही डीएसपी लगाने का ऐलान करना चाहिए था। यह उसकी मर्जी है कि वह नौकरी करना चाहे अथवा नहीं। 25 अगस्त को हुड्डा अपने पार्टी विधायकों के साथ मानसून सत्र की रणनीति तैयार करेंगे।
उधर, इनेलो ने भी सरकार को घेरने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी। 26 अगस्त को ही इनेलो सत्र से पहले पार्टी विधायकाें के साथ रणनीति तैयार करेगी। इसमें पुलिस भर्ती, चंडीगढ़ में प्रशासक लगाने, एसवाईएल, कानून-व्यवस्था, बुढ़ापा पेंशन और ओलंपिक में प्रदर्शन सहित अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार होगी।
कई महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा की तैयारी पूरी
विधानसभा के संक्षिप्त सत्र के दौरान जहां जीएसटी बिल पर चर्चा होगी। वहीं विधायकों के वेतन में वृद्धि पर भी मोहर लगेगी। इसके अलावा पूर्व विधायकों के वेतन एवं भत्तों में वृद्धि, करनाल के गांव कुटेल में कल्पना चावला विवि की स्थापना हेतु स्टाफ तथा वित्तीय स्वीकृति बिल, हरियाणा में मकोका की तर्ज पर हरकोका को लागू करने के विधेयक समेत कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा की जाएगी।