विधानसभा चुनाव में कूदे नेताओं को सोशल मीडिया पर लोहड़ी, मकर संक्रांति व गणतंत्र दिवस की बधाईयां देना महंगी पड़ सकती हैं। सोशल मीडिया पर उम्मीदवारों की हर मूवमेंट पर चुनाव आयोग की कड़ी नजर है।
इतना ही नहीं, अगर कोई नेता कानून तोड़ता है तो उसके खिलाफ नोटिस जारी कर उससे जवाब तलब किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू हो चुकी है।
ऐसे में सोशल मीडिया के किसी माध्यम का चुनाव आयोग से मंजूरी लिए बिना उम्मीदवार प्रयोग नहीं कर सकते हैं। इतना ही नहीं, नेताओं को अब बधाई संदेश देने के लिए भी निर्वाचन आयोग से अनुमति लेनी होगी।
इसके लिए उन्हें सारा कंटेंट मीडिया मॉनीटरिंग कमेटी से पास करवाना होगा। इसके अलावा बल्क में मैसेज भेजने पर पहले से ही रोक है। निर्वाचन आयोग के सूत्रों के मुताबिक, सभी हलकों के उम्मीदवारों पर नजर रखने के लिए साइबर वर्ल्ड के माहिर कड़ी नजर रख रहे हैं।
स्काईप, व्हाट्सएप व इंस्टा भी कड़ी नजर
चुनाव
जहां पर नियम टूट रहे हैं, उसके लिए संबंधित लोगों को तुरंत नोटिस जारी किए जा रहे हैं। वहीं, सूत्रों से पता चला है कि कुछ उम्मीदवारों ने बल्क में टेक्स्ट मैसेज भेजे हैं। इस बारे में पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने इसके लिए अनुमति ली थी या नहीं।
स्काईप, व्हाट्सएप व इंस्टा भी कड़ी नजर
निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, उम्मीदवारों की स्काईप अकाउंट, स्नैट चैट, व्हाटसएप व इंस्टा पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
इतना ही नहीं, अगर कोई व्यक्ति कुछ छिपाने की कोशिश करता है तो जिस कंपनी का वह नेटवर्क प्रयोग करता है। उस कंपनी से भी जानकारी हासिल की जा रही है। इसके अलावा टीवी पर चल रहे विज्ञापनों पर भी माहिर पैनी नजर रख रहे हैं।
एक को हो चुका है नोटिस
इससे पहले शिअद के एक उम्मीदवार ने पंफलेट तैयार किया था, लेकिन उस पर लिखे कंटेंट संबंधी उसने निर्वाचन कार्यालय से अनुमति नहीं ली थी। इसके बाद निर्वाचन कार्यालय द्वारा उक्त उम्मीदवार को नोटिस भेजकर स्थिति साफ करने को कहा गया है।