हरियाणा में कांग्रेस का दामन छोड़ अलग हुए अशोक तंवर ने सीएम सिटी करनाल में 16 फरवरी को स्वाभिमान दिवस रैली में नई पार्टी की घोषणा के संकेत दिए हैं। प्रदेश में तीसरा विकल्प देने का दावा करते हुए तंवर ने कहा कि हरियाणा में अच्छे नेताओं की कमी नहीं है। जरूरत है तो सिर्फ उनका स्वाभिमान जगाने की। दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों से साफ है कि आमजन राष्ट्रीय दलों को नकार रहा है।
यहां पत्रकारों से बाचतीत में भाजपा-कांग्रेस पर मिलीभगत के आरोप जड़ते हुए उन्होंने कहा कि जब जम्मू और कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्री जेल में हैं तो चौथा बाहर क्यों। इससे साफ है कि अंदरखाने बड़ा खेल चल रहा है। पदोन्नति में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद छिड़ी बहस के बीच हरियाणा कांग्रेस के पूर्व प्रधान डॉ. अशोक तंवर ने न्यायपालिका में अनुसूचित जाति वर्ग का प्रतिनिधित्व शामिल करने की मांग उठाई है।
नेशनल ज्यूडिशियल सर्विस कमीशन की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में गरीब एवं पिछड़े वर्ग के लोग होंगे तो वह उनके प्रति संवेदनशील होंगे और उनके हित की बात करेंगे। तंवर ने हरियाणा में वर्षों से लंबित बैकलॉग पर निशाना साधा। पदोन्नति में आरक्षण के लिए गठित पी राघवेंद्र की कमेटी की सिफारिशों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि समिति ने भी सरकारी विभागों और बोर्ड-निगमों में अनुसूचित जाति के 50 फीसद पद खाली होने की बात कही थी।
आज स्थिति यह है कि ग्रुप-ए की नौकरियों में 3.66, बी में 10.81, सी में 13.25 और डी में 18.29 फीसद अनुसूचित जाति के कर्मचारी लगे हुए हैं। निजी क्षेत्र में आरक्षण वैसे ही खत्म हो चुका।