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Chandigarh News: बदला नजरिया तो बनने लगी बात, ओटी टेबल पर ही बच्चे को कराया जा रहा स्तनपान

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चंडीगढ़। जन्म के एक घंटे के अंदर मां का दूध नवजात को जरूर पिलाना चाहिए क्योंकि यह अमृत के समान होता है। उस गाढे़ पीले दूध में सभी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। ऐसे में सीजेरियन के बाद मां का स्तनपान न करा पाना नवजात के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा था। इस स्थिति से बचाव के लिए सामान्य डिलीवरी की ही तरह सीजेरियन डिलीवरी वाले केस में ऑपरेशन टेबल पर ही नवजात को स्तनपान कराना शुरू कर दिया गया है। सच मानिए...परिणाम चौंकाने वाले हैं। यह कहना है जीएमएसएच-16 के बालरोग विभाग की प्रमुख डॉ. सद्भावना पंडित का। उनकी टीम ओटी टेबल पर मां के सीने से नवजात को लगाकर स्तनपान करा रही है। डॉ. सद्भावना का कहना है कि इससे यह फर्क सामने आया कि पहले सीजेरियन डिलीवरी के बाद बच्चों को संक्रमण और कई समस्याएं होती थीं, लेकिन बदलाव के बाद ऐसे मामलों में तेजी से कमी आ रही है। इससे साफ पता चल रहा है कि सीजेरियन वाले बच्चों को पहले एक घंटे के दौरान दिया गया मां का गाढ़ा दूध बीमारियों से बचाव में सहायक हो रहा है। इसलिए इस प्रक्रिया का पालन सभी जगहों पर होना आवश्यक है। वहीं, भारतीय बाल अकादमी की चंडीगढ़ शाखा की सचिव डॉ. गुंजन बवेजा का कहना है कि चंडीगढ़ जैसे शहर में स्तनपान को लेकर अब भी जागरूकता का अभाव है। लगभग 30 से 40 प्रतिशत माताओं को इसकी जानकारी ही नहीं है। ऐसे में परिवार का सहयोग बेहद जरूरी है। क्योंकि डिलीवरी के बाद मां की स्थिति बेहद गंभीर होती है। ऐसे में वह आसानी से बच्चे को दूध पिलाने में समर्थ नहीं हो पाती।
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